ढाका/कोलकाता (पीटीआई)। बांग्लादेश के भारत का आगामी दौरा सोमवार को खतरे में पड़ गया, जब उनकी राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों ने किसी भी क्रिकेट गतिविधि में भाग लेने से इनकार कर दिया। ये खिलाड़ी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका कहना है ये तब तक नहीं खेलेंगे, जब तक कि वेतन में बढ़ोतरी सहित उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। इस विरोध प्रदर्शन में बांग्लादेश के कुल 50 खिलाड़ी शामिल हैं जिसमें टी-20 कप्तान शाकिब अल हसन, महमूदुल्लाह और मुशफिकुर रहीम जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

भारत के खिलाफ सीरीज खतरे में

बांग्लादेशी क्रिकेटरों की हड़ताल का असर शेड्यूल क्रिकेट मैचों पर भी पड़ सकता है। यह प्रोटेस्ट अगले महीने भारत के दौरे के लिए प्रशिक्षण शिविर को खतरे में डाल सकती है और संभवत: इस दौरे को भी। बता दें 3 नवंबर से भारत बनाम बांग्लादेश सीरीज शुरु होनी है। यहां बांग्लादेश टीम को पहले तीन टी-20 मैच खेलने हैं उसके बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत दो टेस्ट मैच खेलने होंगे।

कौन सुनेगा बांग्लादेशी क्रिकेटरों की आवाज

सोमवार को बांगलादेश में इन खिलाड़ियों ने एक प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें वरिष्ठ सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल ने कहा, 'हमें स्थानीय कोचों, चिकित्सकों, प्रशिक्षकों और ग्राउंड्समैन का सम्मान करना होगा। उन्हें महीने के अंत में बहुत कम वेतन मिलता है।' बता दें बांग्लादेशी क्रिकेटरों का यह विरोध प्रदर्शन अपने क्रिेकट बोर्ड के खिलाफ है। खिलाड़ियों ने अपनी 11 मांगों की एक लिस्ट बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को सौंपी थी। जिस पर अब तक विचार नहीं किया गया। इसमें सैलरी बढ़ाने और क्रिकेटरों के कांन्ट्रैक्ट को लेकर कई मुद्दे हैं।

बांग्लादेशी क्रिकेटरों की यह है मांग

बांग्लादेशी क्रिकेटरों उठाए गए प्रमुख बिंदुओं में से एक प्रथम श्रेणी स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वालों के लिए बेहतर पारिश्रमिक था। इनका कहना है कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट के लिए मैच शुल्क को एक लाख (बांग्लादेश टाक) तक बढ़ाया जाना चाहिए, जो अभी केवल 35 हजार है। साथ ही, प्रथम श्रेणी के क्रिकेटरों के वेतन में भी 50 प्रतिशत की वृद्धि की जानी चाहिए। एक प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर को दैनिक भत्ता के रूप में केवल 1500 टके मिलते हैं।स्वस्थ जीवन शैली पाने के लिए एक क्रिकेटर के लिए यह पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा खिलाड़ियों ने यात्रा भत्ता को बढ़ाने की भी मांग की।

बीसीसीआई को है इंतजार

बांग्लादेशी क्रिकेटर्स अगर ऐसे ही हड़ताल पर रहे तो उसका आगामी दौरे पर क्या असर पड़ेगा। इस पर बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया, 'बीसीसीआई इंतजार करेगा और घटनाक्रम को बारीकी से देखेगा। यह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का आंतरिक मामला है और जब तक हम उनकी बात नहीं सुनेंगे, तब तक हमें कोई टिप्पणी करने की कोई जरूरत नहीं है।" यही नहीं बीसीसीआई अध्यक्ष बनने जा रहे सौरव गांगुली ने कोलकाता में कहा कि उन्हें विश्वास है कि बांग्लादेश सीरीज खेलने जरूर आएग। दादा ने कहा, 'यह बीसीबी का आंतरिक मामला है लेकिन यह मेरे दायरे में नहीं है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट बोर्ड में कई लोग महसूस करते हैं कि बांग्लादेश क्रिकेट में खिलाड़ियों और अधिकारियों दोनों के साथ गांगुली के सौहार्दपूर्ण संबंध स्थिति को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं।

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

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