- इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट में शामिल स्टूडेंट्स में दिखा जबरदस्त उत्साह

- सिटी के सभी लीडिंग स्कूल्स के क्लास 6 से 12 तक के स्टूडेंट्स हुए शामिल

- टीचर्स में भी दिखी टेस्ट को लेकर खासी क्यूरेसिटी, पैरेंट्स ने भी दिखाया इंटरेस्ट

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VARANASI: कॉम्पटीशन के इस एरा में हर स्टूडेंट अपने कॅरियर, अपनी आईक्यू, अपने एप्टीट्यूड, अपनी चॉइस और इंटरेस्ट को लेकर कितना संजीदा है, ये साफ झलका इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट में. आईआईटी बीएचयू की ओर से डेवलप किये गये इस खास टेस्ट का आयोजन जागरण प्रकाशन लिमिटेड की ओर से बनारस सहित आठ राज्यों के 35 शहरों में बुधवार को एक साथ किया गया. बनारस के सभी लीडिंग स्कूल्स सहित करीब चार दर्जन स्कूलों के करीब साढ़े बारह हजार स्टूडेंट्स ने इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट का पेपर सॉल्व किया. इसमें क्लास 6 से 12 तक के स्टूडेंट्स शामिल थे.

जबरदस्त जोश और उत्साह

इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट को लेकर स्टूडेंट्स ही नहीं बल्कि स्कूल के टीचर्स में भी जबरदस्त क्यूरेसिटी और उत्साह देखने को मिला. टीचर्स पेपर का पैकेट खुलने के बाद क्वेश्चनंस को देखने का मोह छोड़ नहीं सके. वो जानना चाहते थे कि किस तरह के क्वेश्चनंस के जरिये स्टूडेंट्स के आईक्यू लेवल और एप्टीट्यूड को नापा जा रहा है. जबकि स्टूडेंट्स इसलिए उत्साहित थे क्योंकि उन्हें पता था कि इस टेस्ट के रिजल्ट से उन्हें अपने फ्यूचर गोल डिसाइड करने में काफी हेल्प मिलेगी. अब तक इसके लिए उन्हें कॅरियर और एजुकेशनल काउंसलर्स के यहां कई बार चक्कर काटना पड़ता था.

पैरेंट्स भी पहुंचे स्कूल तक

इस टेस्ट को कंडक्ट कराने के लिए सभी लीडिंग स्कूल्स को रजिस्ट्रेशन सेंटर के साथ एग्जामिनेशन सेंटर बनाया गया था. इसमें सनबीम स्कूल ग्रुप, डॉलिम्स सनबीम ग्रुप, सनबीम एकेडमी, दिल्ली पब्लिक स्कूल वाराणसी, स्वामी हरसेवानंद पब्लिक स्कूल, दी आर्यन इंटरनेशनल स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल काशी, माउंट लिट्रेरा, ग्लोरियस एकेडमी, सेंट जॉन्स स्कूल डीएलडब्लू, सेंट जॉन्स स्कूल मड़ौली, सेंट जॉन्स लेढूपुर, सेंट जोसेफ शिवपुर, सेंट्रल हिन्दू बॉयज और ग‌र्ल्स स्कूल, दयावती मोदी एकेडमी, राज इंग्लिश स्कूल, बाल भारती, गुरुनानक इंग्लिश स्कूल, बोस पब्लिक स्कूल, तुलसी विद्या निकेतन, बीएनएस, लिटिल फ्लावर हाउस, सनातन धर्म इंटर कॉलेज, नेशनल इंटर कॉलेज मेन रहे.

कहीं एक तो कहीं दो शिफ्ट

स्कूलों ने इस टेस्ट को अपनी सुविधा के अनुसार कंडक्ट कराया. जहां स्टूडेंट्स की भीड़ ज्यादा थी वहां पहले जूनियर क्लासेस और फिर सीनियर क्लासेस का टेस्ट दो शिफ्ट में कराया गया जबकि ज्यादातर स्कूलों ने एक शिफ्ट में पेपर कराया. जूनियर स्टूडेंट्स को टेस्ट दिलाने के लिए कुछ जगह पैरेंट्स भी पहुंचे थे. पैरेंट्स के बीच टेस्ट को लेकर खासी क्यूरेसिटी थी. पेपर के बाद हर कोई अपने बच्चे से यही पूछता दिखा कि कैसा पेपर था? कैसे-कैसे क्वेश्चनंस थे? पूरा सॉल्व किया या कुछ क्वेश्चनंस छोड़ दिये?

क्यों खास बन गया इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट?

- कॉम्पटीशन के इस दौर में हर स्टूडेंट और उनके पैरेंट्स ये जानना चाहते हैं कि उनके बच्चे के लिए कॅरियर पॉइंट ऑफ व्यू से क्या बेहतर होगा. इसमें गाइडेंस के लिए एजुकेशनल और कॅरियर काउंसलर्स हजारों रुपये चार्ज करते हैं.

- इंडिया में स्टूडेंट्स के आईक्यू और एप्टीट्यूड के लिए जो टेस्ट पेपर मौजूद हैं उनमें से ज्यादातर फॉरेन सोसाइटी, एजुकेशन सिस्टम को ध्यान में रखकर डिजाइन किये गये हैं जबकि पहले से मौजूद इंडियन टेस्ट बहुत स्टैंडर्ड नहीं माने जाते.

- आईआईटी बीएचयू ने इस मामले में एक बड़े रिसर्च के बाद मालवीय सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एन्टरप्रेन्योरशिप प्रोजेक्ट के तहत इंडियन रिफरेंस को ध्यान में रखते हुए ट्रूली आईक्यू और एप्टीट्यूड टेस्ट डेवलप किया जिसे 'इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट' नाम दिया गया है.

- ये इंटेलीजेंस टेस्ट क्लास 6 से 12 तक के किसी भी बच्चे के इंटेलीजेंस लेवल, एप्टीट्यूड, इंटरेस्ट आदि की डीप एनॉलिसिस करने में सक्षम है. सबसे खास ये भी है कि इस टेस्ट में एक साथ कई आयामों की स्टडी पॉसिबल है जबकि पहले इसके लिए अलग-अलग टेस्ट पेपर्स अप्लाई करने पड़ते थे.

- अलग-अलग टेस्ट यूज करने में 2000 से 4000 हजार तक का खर्च आता है जबकि इस टेस्ट को कंडक्ट कराने के लिए जागरण प्रकाशन लिमिटेड ने महज 100 रुपये के टोकन मनी चार्ज करते हुए स्टूडेंट्स को खुद को जानने का मौका दिया है. इसमें आईआईटी के एक्सपर्ट रिजल्ट तैयार करेंगे.

बड़े लोगों ने दिया बड़ा सहयोग

इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट के महत्व को देखते हुए कई बड़ी कंपनियों और ग्रुप्स ने इसे कंडक्ट कराने में भरपूर सहयोग दिया. इसमें आईआईटी बीएचयू के अलावा नॉलेज पार्टनर के तौर पर बंसल क्लासेज, टेक्नोलॉजी पार्टनर के तौर पर आईबॉल, राइटिंग इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के तौर पर रोटोमैक और सिग्रिड एजुकेशन जैसी कंपनियां और ग्रुप ने सहयोग दिया.

टेस्ट एक लेकिन फायदे हैं अनेक

- इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट में शामिल बच्चों को रिजल्ट पर अपना इंटेलीजेंस लेवल पता चल सकेगा.

- इससे ये भी चला चलेगा कि बच्चे का रीयल इंटरेस्ट किस फील्ड में है.

- इंटेलीजेंस और इंटरेस्ट से उसके एप्टीट्यूड का भी आंकलन होगा जिससे ये पता चलेगा कि बच्चे में पोटेंशियल कितना है.

- इस टेस्ट के रिजल्ट से खुद बच्चे या छोटे बच्चों के केस में उनके पैरेंट्स को ये डिसाइड करने में हेल्प मिलेगी कि उन्होंने जो कॅरियर ऑप्शन या गोल डिसाइड किया है वो उनके लिए सही है या नहीं.

- इससे ये डिसाइड करने में भी हेल्प मिलेगा कि बच्चे के लिए और कॅरियर ऑप्शन क्या-क्या हो सकते हैं जिसमें बच्चा अपना बेस्ट परफार्मेस दे सकता है.

इस बार नहीं तो फिर मिलेगा मौका

इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट में यदि इस बार आपका बच्चा किसी भी वजह से शामिल नहीं हो पा रहा तो टेंशन की कोई बात नहीं क्योंकि ये टेस्ट दोबारा भी आयोजित किया जाएगा. इसकी डेट बाद में डिक्लेयर की जाएगी. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए www.indianintelligencetest.com पर भी जानकारी ली जा सकती है.

मैंने ये टेस्ट सिर्फ इसलिए जॉइन किया है क्योंकि मैं ये जानना चाहता हूं मेरे लिए कौन सा कॅरियर ऑप्शन ज्यादा सूटेबल है ताकि मुझे अपना फाइनल गोल डिसाइड करने में आसानी हो.

-आर्यन जायसवाल, क्लास-7, सेंट जॉन्स मढ़ौली

मुझे इस टेस्ट में काफी मजा आया. ये काफी इंटरेस्टिंग था और अब मुझे अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार रहेगा. मुझे देखना है कि मेरा आईक्यू लेवल क्या है.

-अंशिका, क्लास-म्, सेंट जॉन्स मढ़ौली

मुझे मेरे पैरेंट्स और टीचर्स दोनों ने ही इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट जॉइन करने के लिए इंस्पायर किया. आज टेस्ट के बाद मुझे लगा कि यदि मैंने इसे मिस किया होता काफी कुछ खो देता.

-अक्षत, क्लास-म्, सेंट जॉन्स डीरेका

इस टेस्ट में काफी मजा आया. ये काफी इंटरेस्टिंग था और मुझे लगता है कि इसका रिजल्ट और भी ज्यादा इंटरेस्टिंग और यूजफुल होगा. फिर चांस मिला तो मैं दोबारा शामिल होना चाहूंगी.

-कृपा केजरीवाल, क्लास-म्, सेंट जॉन्स डीरेका

इस टेस्ट को लेकर पूरे स्कूल के बच्चों में कल से ही गजब का उत्साह है. आज सभी ने बहुत मन लगाकर पेपर सॉल्व किया और सब ये ही जानना चाहते हैं कि इसका रिजल्ट कब मिलेगा.

-निर्मला पाण्डेय, टेस्ट कोऑर्डिनेटर, सेंट जॉन्स डीरेका

इस टेस्ट के लिए बच्चों में गजब का उत्साह है. रजिस्ट्रेशन टाइम से लेकर अब तक बच्चे आज के दिन का ही इंतजार कर रहे थे. आज सभी ने पूरे इंटरेस्ट के साथ पेपर दिया है.

-फादर फेलिक्स, टेस्ट कोऑर्डिनेटर, सेंट जॉन्स मढ़ौली

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