भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून वर्षा पर करेंगे शोध

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PRAYAGRAJ: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वायुमंडलीय एवं समुद्र विज्ञान केन्द्र के प्रो. सुनीत द्विवेदी को उल्लेखनीय वैज्ञानिक कार्य के लिए विश्व का प्रतिष्ठित और प्रतिस्पर्धी अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट रिसर्च फेलोशिप सम्मान प्रदान किया गया है. जर्मनी के हम्बोल्ट फेलोशिप को दुनिया भर में प्रतिष्ठित रिसर्च फेलोशिप में से एक माना जाता है. पुरस्कार से जुड़ी प्रतिष्ठा का आंकलन इस तथ्य से किया जा सकता है कि हम्बोल्डि्टयंस के विश्वव्यापी नेटवर्क में 50 नोबेल पुरस्कार विजेता शामिल हैं.

शोध की दृष्टि से एक नवीन विषय है

प्रो. द्विवेदी को अगले 03 वषरें के दौरान 03 यात्राओं में 18 महीने की अवधि के लिए मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर मिटियोरोलॉजी, हैम्बर्ग जर्मनी में काम करने के लिए चुना गया है. फेलोशिप के तहत प्रो. द्विवेदी ग्लोबल वार्मिंग के माहौल में भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून वर्षा के मौसमी से लेकर दशकीय स्तर तक की भविष्यवाणी को सुदृढ़ करने पर ध्यान केन्द्रित करेंगे. भारतीय मानसून वर्षा की दशकीय स्तर तक की कुशल भविष्यवाणी शोध की दृष्टि से एक नवीन विषय है. इसका भारतीय कृषि एवं अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव होगा.