तेहरान, ईरान (एएनआई)। अमेरिकी दावों नकारते हुए, ईरान ने कहा है कि उसने 2015 जॉइंट कॉम्प्रिहेंशन प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) यानी परमाणु समझौते की शर्तों का कभी उल्लंघन नहीं किया है। ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने सोमवार को कहा, 'हमारे देश ने 2015 के जेसीपीओए (ईरान परमाणु समझौते) का उल्लंघन नहीं किया है। समझौते के पैरा 36 में दर्शाया गया है कि क्यों: हमने अमेरिका वापसी के बाद 36 को ट्रिगर किया और समाप्त कर दिया।' इससे पहले अमेरिका ने आरोप लगाया था कि ईरान ने 2015 के परमाणु समझौते का उल्लंघन करके अपने यूरेनियम के भंडार को भरना शुरू कर दिया है।

अमेरिका बनता रहेगा दबाव

इससे पहले व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा, 'ईरान परमाणु समझौते का उल्लंघन कर रहा है और जब तक वह ऐसा करेगा अमेरिका दबाव बनाता रहेगा।' बता दें कि ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से बताया था कि ईरान ने समझौते से अलग हटकर अपने भंडार में लिमिट से अधिक यूरेनियम भर लिया है। इसपर ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'ईरान जानता है कि वह क्या कर रहा है। वे जानते हैं कि वे किसके साथ खेल रहे हैं और वे आग से खेल रहे हैं।' गौरतलब है कि तेहरान ने मई में समझौते के कुछ हिस्सों का अनुपालन करना बंद कर दिया था, एक साल बाद अमेरिका ने इस समझौते से अपना पांव वापस खिंच लिया।

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अमेरिका से बढ़ा तनाव

बता दें कि कि परमाणु समझौते से अमेरिका के बाहर आने के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ईरान पर नई शर्तो के साथ परमाणु समझौता करने का दवाब डाल रहा था, इसके लिए ट्रंप ने कुछ दिनों पहले ईरानी नेताओं के साथ सीधी बातचीत के लिए पेशकश भी रखी थी लेकिन ईरान इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगा दिया।

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