मुंबई (पीटीआई) पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान का मानना है कि भारतीय टीम प्रबंधन को गेंदबाजों पर ध्यान देना होगा और चोट प्रबंधन के बारे में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि कोरोना वायरस ने खिलाड़ियों को काफी लंबे वक्त तक मैदान से दूर रखा है। कोविड-19 महामारी के प्रकोप को रोकने के लिए लगाए गए देशव्यापी तालाबंदी के कारण भारत में खिलाड़ी 25 मार्च से अभ्यास नहीं कर पाए हैं। अभी तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ही हैं, जो पिछले महीने पालघर जिले के बोईसर में नेट्स में गेंदबाजी करते देखे गए, वरना बाकी सभी प्लेयर्स घरों में कैद हैं।

लंबे वक्त बाद मैदान में वापसी पर चोट का खतरा

पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज पठान को लगता है कि, लंबे वक्त बाद मैदान में वापसी आसान नहीं है। आईपीएल सहित सभी टीम कों गेंदबाजों को लेकर सावधान रहना होगा। ये गेंदबाज दो महीने से अधिक समय तक गेंदबाजी और प्रैक्टिस नहीं कर पाए, ऐसे में जब अचानक वह मैदान में उतरेंगे तो उनके चोटिल होने का खतरा अधिक होगा। स्टार स्पोर्ट्स के शो 'क्रिकेट कनेक्टेड' में भारत के लिए 29 टेस्ट और 120 वनडे मैच खेलने वाले पठान ने कहा, "चोट प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण चीज है। हमें सभी गेंदबाजों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।"

आईसीसी ने भी जारी किए दिशा-निर्देश

आईसीसी ने हाल ही में गेंदबाजों के लिए विशिष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं, जिसमें कहा गया है कि टीमों को गेंदबाजों के कार्यभार पर सावधानी बरतने की जरूरत होगी ताकि रीढ़ की हड्डी के फ्रैक्चर जैसी गंभीर चोट से बचा जा सके क्योंकि खिलाड़ी प्रशिक्षण फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, '15 खिलाड़ियों के स्काॅड में हर टीम में 4 से 6 गेंदबाज हैं। चाहे वह आईपीएल टीम हो, भारतीय टीम हो या कोई अंतरराष्ट्रीय या घरेलू टीम हो, हमें चोट प्रबंधन के बारे में बेहद सावधान रहना होगा।'

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

Cricket News inextlive from Cricket News Desk