- कुछ दिन पहले शहर के वीवीआईपी जोन में फायरिंग कर छुड़ाए गए थे दो बदमाश

- फरार होने वाले बंदियों की उम्र भी 18 से 20 साल की थी, लगभग यही उम्र डकैतों की

meerut@inext.co.in

Meerut: चौधरी चरण सिंह जिला कारागार की सलाखों के पीछे बंद दो बंदियों के पेशी के दौरान फरार होने के बाद हुई इस घटना ने सनसनी फैला दी है. कहीं फरार कराने वाले बदमाशों ने तो बंदियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम नहीं दिया. इस बात को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता है. जेल से दो बंदियों के फरार होने के बाद हुई डकैती की घटना के बाद पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर इस बिंदु पर भी वर्क कर रही है.

यंगस्टर थे डकैती डालने वाले

प्रॉपर्टी डीलर अशोक मारवाड़ी ने एसएसपी ओंकार सिंह को पूछताछ में बताया था कि डाका डालने वालों की उम्र ज्यादा नहीं बल्कि क्8 से लेकर ख्फ् साल तक के लड़कों की लग रही थी. ऐसे में फरार हुए बंदी मोनू और अरविंद पर भी शक करना लाजमी है. हिमांशु तो हालांकि पुलिस ने उसी समय गिरफ्तार कर लिया था. दोनों फरार बंदियों की ढूंढने में पुलिस जुटी हुई है, लेकिन हत्थे नहीं चढ़ सके हैं. फरार बंदियों से भी इस डकैती का कनेक्शन जोड़कर चले रहे हैं. इस बिंदुओं पर भी पुलिस वर्क कर रही है.

फरारी काटने को चाहिए पैसा

पेशी के दौरान फरार हुए बदमाशों को अपनी फरारी काटने के लिए पैसा चाहिए होता है. ऐसे में हो सकता है कि फरारी काटने के लिए ही बदमाशों ने गैंग के साथ मिलकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया हो. क्योंकि बिना पैसों के फरारी काटना बहुत मुश्किल होता है. जहां भी बदमाश छिपकर रहता है, वहां भी काफी पैसा देना पड़ता है. ऐसा तो नहीं कि यह डकैती फरार बंदियों ने फरारी काटने के लिए डाल दी हो. फिलहाल इस पर इंवेस्टीगेशन जारी है.

इन्होंने कहा..

बंदियों के फरार होने के बाद बड़ी घटना हुई है. इस बात को भी इंवेस्टीगेशन में शामिल किया गया है. पूरे मामले की जांच पड़ताल चल रही है. जल्द ही घटना से पर्दाफाश किया जाएगा.

ओमप्रकाश

एसपी सिटी