- केसी त्यागी ने कहा-मांझी इतिहास लेखन न करें

- जेडीयू ने दिया सीएम मांझी को लास्ट अल्टीमेटम

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PATNA: सीएम जीतन राम मांझी के बयानों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. दूसरी तरफ सीएम की बयानवीरता कायम है. सीएम बनने के बाद शायद ही कोई ऐसा आयोजन रहा है, जिसमें उन्होंने ऐसा बयान नहीं दिया हो जिसे लेकर पार्टी के अंदर और बाहर बवाल न हुआ हो. अब सीएम के बयानों पर जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कड़ा रुख दिखाया है, जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा है कि जिस हिस्से से मांझी आते हैं उस पीड़ा को वे व्यक्त करते हैं. जिन तकलीफों से वह गुजरे हैं वही बोलते हैं. इस बात की चर्चा राजनीतिक गलियारे में खूब रही कि जेडीयू ने सीएम को लास्ट अल्टीमेटम दिया है.

इतिहास लेखन कार्य न करें

सीएम ने एक प्रोग्राम में कहा था कि आर्य विदेशी हैं और आदिवासी, दलित व कुछ अति पिछड़ा यहां के मूल निवासी हैं, बाकी को उन्होंने बाहरी माना था. उन्होंने मंगलवार को महादलित विकास मिशन के आयोजन में कहा था कि आदिवासी ही हैं देश के मूल निवासी, बवाल करने वाले को गोली से नहीं बल्कि बोली से जवाब. उनके इन बयानों पर जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव ने नसीहत दी है कि इतिहास लेखन का काम न करें. बताया कि शरद यादव ने स्पष्ट शब्दों में सीएम को सचेत किया कि वे ऐसे कार्य न करें जिससे समाज की एकता और पार्टी में कलह दिखे.

मांझी के बयानों से उनके ही लोग परेशान

केसी त्यागी ने कहा है कि मांझी के बयान से पार्टी कार्यकर्ता असहज महसूस करने लगे हैं, इसलिए कार्यकर्ताओं की भावना का ख्याल रखें. जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने जहां सीएम मांझी को खरी-खरी सुनायी वहीं दूसरी तरफ बिहार गवर्नमेंट के एजुकेशन मिनिस्टर वृशिण पटेल ने कहा है कि के सी त्यागी पार्टी के बड़े नेता हैं. उन्हें लगता है कि पार्टी पर असर पड़ रहा है तो पार्टी के बड़े नेताओं की मीटिंग बुलानी चाहिए. कोई भी बात हो उन्हें पार्टी फोरम पर कहनी चाहिए.