-को-ऑपरेटिव कॉलेज कैंपस में हुआ जमकर हंगामा, घायल का एमजीएम में हो रहा ट्रीटमेंट

-सिर पर लगे हैं पांच टांके, घटना के विरोध में जेसीएम आज कराएगा शहर के सारे कॉलेजों को बंद

JAMSHEDPUR: को-ऑपरेटिव कॉलेज सोमवार को फिर से रणक्षेत्र बना रहा। मारपीट में झारखंड छात्र मोर्चा (जेसीएम) लीडर का सिर फट गया। जानकारी के मुताबिक जेसीएम नेता जय नारायण मुंडा और उनके साथी अरविंद वैद्य यूजी पार्ट थर्ड व पीजी पार्ट टू के स्टूडेंट्स को फार्म भरने में हो रही परेशानी के निदान के लिए प्रिंसिपल डॉ। एसएस रजी से बातचीत करने गए थे। इस दौरान प्रिंसिपल और छात्र नेताओं के बीच बहस होने लगी। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने अपना आपा खोया और उन्होंने जेसीएम नेता जय नारायण मुंडा को थप्पड़ रसीद कर दिया। आरोप है कि इसके बाद वहां पर खड़े फोर्थ ग्रेड के स्टाफ अरशद जमाल ने हेलमेट और ताला से बार कर जेसीएम नेता का सिर फोड़ दिया। खबर मिलते ही पुलिस पहुंची और हालात को काबू में किया।

छात्रों ने की नारेबाजी

जेसीएम नेता के घायल होने की जानकारी जैसे ही स्टूडेंट्स को मिली कॉलेज कैंपस में जमकर हंगामा शुरू हो गया। एनएसयूआई, आजसू व जेसीएम समर्थित छात्र संगठनों ने प्रिंसिपल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनकी गिरफ्तारी की मांग करने लगे। बाद में बिष्टुपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीएम नेता को एमजीएम अस्पताल में दाखिल कराया। जेसीएम नेता का इलाज फिलहाल एमजीएम हॉस्पिटल में चल रहा है। उसके सिर पर पांच टांके लगे हैं। इस घटना की जानकारी जेसीएम के नगर अध्यक्ष अरुण मुर्मू ने झारखंड छात्र मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष सह सिल्ली के विधायक अमित महतो को फोन पर दी। नगर अध्यक्ष ने कहा कि जब तक को-ऑपरेटिव के प्रिंसिपल की गिरफ्तारी नहीं होती है, तब तक शहर के सभी कॉलेज अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगे। मंगलवार को जेसीएम के कार्यकर्ता एबीएम कॉलेज से रैली निकालकर विभिन्न कॉलेजों को बंद कराने निकलेंगे।

प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग

घायल जेसीएम नेता जयनारायण मुंडा ने कहा कि को-ऑपरेटिव के प्रिंसिपल डॉ। एसएस रजी ने उन पर हमला करने के दौरान जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। वे बिष्टुपुर थाना में मामले की प्राथमिकी दर्ज करायेंगे। इसमें डॉ। रजी व स्टाफ अरशद जमाल को जानलेवा हमला करने का आरोपी बनाया गया है। जेसीएम नेता ने बताया कि चूंकि कॉलेज के प्रिंसिपल की गर्दन स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति नहीं देने के मामले में फंस रही थी, इस कारण खीस स्वरूप प्रिंसिपल ने इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ऐसे प्रिंसिपल की तत्काल की गिरफ्तारी होनी चाहिए और एसटी-एससी स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति नहीं देने मामले में प्रिंसिपल को दोषी मानते हुए एक और मामला प्रिंसिपल पर दर्ज होना चाहिए।

घटना दुखद : एनएसयूआई

एनएसयूआई के कोल्हान संयोजक हरिराम टुडू ने बताया कि कॉलेज के प्रिंसिपल चेंबर में मारपीट की घटना काफी दुखद है। एक प्रिंसिपल को इस तरह की हरकत शोभा नहीं देती। इस मामले में एनएसयूआई पूरी तरह जेसीएम के साथ है। उन्होंने कहा कि आरोपी प्रिंसिपल की गिरफ्तारी होनी चाहिए। मंगलवार के कॉलेज बंद की घोषणा का एनएसयूआई समर्थन करती है।