JAMSHEDPUR: करीम सिटी कॉलेज के सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ आर्ट एंड कल्चर (स्पार्क) द्वारा विश्व रंगमंच दिवस के उपलक्ष्य में करीम सिटी के सभागार में नाटक प्रस्तुति की गई। इसमें मुख्य अथिति के रूप में प्रख्यात साहित्यकार सी। भास्कर राव उपस्थित थे। उन्होंने करीम सिटी कॉलेज को इलाहाबाद के संगम से संबोधित किया जहां पढ़ाई के साथ सभी बहुमुखी प्रतिभा का संगम हो रहा है द्य कार्यक्रम में करीम सिटी के प्रधानाचार्य डा। मो। रेया•ा, स्पार्क के संयोजक डा। याहिया इब्राहिम तथा नाटक के निर्देशक शिवलाल सागर एवं कलाकार कृष्ण सिन्हा ने उपस्थित होकर कार्यकम की शोभा बढ़ाई। नाटक की प्रस्तुति दो विभिन्न विषयों पर हुई जिसमें प्रथम प्रस्तुति का विषय घरौंदा था। घरौंदा मुख्यत: दो आर्थिक रूप से कम•ाोर प्रेमियों की कहानी है, जो धन के आभाव में विवाह से वंचित रह जाते हैं, परंतु प्रेमी के दफ्तर का साहब बहुत ही समृद्ध रहता है। वह विदुर रहता है और काफ़ी बीमार भी रहता है, प्रेमी चाहता है कि प्रेमिका उससे विवाह कर लें और और जब साहब की मृत्यु हो जाएगी उसके बाद वे उसके संपत्ति का लाभ उठा लेंगे और प्रेमी प्रेमिका बाद में विवाह कर लेंगे, लेकिन ऐसा हुआ न । अंतत: प्रेमिका का विवाह साहब से तो हुआ परंतु साहब का स्वास्थ बाद में अच्छा हो चला और वे दोनों राजी खुशी अपना जीवन यापन करने लगे।

दर्शकों का पाया प्यार

अंतिम नाटक का विषय अंतिम इच्छा थी। यह मुख्यत: एक वृद्ध लेखक एवं निर्देशक की कहानी है, जो आपने लेखन को किसी पत्रिका में छपवाने के लिए संघर्षरत है, परंतु उसकी बहू उनके विरुद्ध ही रहती है। बहू का मानना है कि हमारे जैसे निम्न स्तर का जीवन जीने वालों के लिए ये सब चीजें नहीं है। वहीं वृद्ध का बेटा अपनी पत्नी के उलट अपने पिता का समर्थन करता है। वृद्ध की पत्नी काफी बीमार रहती थी और उसकी अंतिम इच्छा थी कि उसके पति का लेखन पत्रिका में जरूर छपे और इसी अंतिम इच्छा के साथ उनका स्वर्गवास हो गया। पुत्र ने मां की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए भरपूर प्रयत्न किया और मां की अंतिम इच्छा पूरी भी हुई, लेकिन वृद्ध का भी पत्रिका में लेखन छपने से पूर्व ही निधन हो गया। इस प्रकार इन दो विभिन्न विषयों पर किए गए नाटक ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया एवं प्यार पाया। इन नाटकों के कलाकार प्रतीक चौरसिया, नीतीश सलूजा, गजेंद्र कुमार, इमरान शे़ख, ना•ानीन आरा, अनिकेत करन, अवंथ कुमार, स्नेहा कुमारी, निहारिका साहू, गौरव रॉय, अकाश कुमार झा, दिव्यानी कुमारी, दिवाकर कुमार, राकेश चंद्र गोंडुआ ने बेहतरीन अदाकारी प्रस्तुत की।