छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: दुर्गोत्सव के दौरान शहर में पहली बार सूर्यास्त के पहले ही देवी दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन पूरा कर लिया गया। कोरोना महामारी को लेकर सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए पूजा आयोजन समितियों ने दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन बगैर किसी जुलूस व तामझाम के किया। सबसे पहले सुबह 9:45 बजे स्वर्णरेखा घाट पर मानगो खडि़या बस्ती पूजा समिति ने विसर्जन किया जबकि अंतिम विसर्जन भुइयांडीह पांडेय घाट पर 4:50 बजे टयूब कोलनी दुर्गा पूजा समिति बारीडीह ने विसर्जन संपन्न किया। भुइयांडीह पांडेय घाट में चार थाना सीतारामडेरा, सिदगोडा, बिरसानगर और मानगो क्षेत्र के कुल 46 प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्वक व हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस दौरान मां को अगले साल आने का आमंत्रण भी दिया गया। यहां सबसे पहले 11 बजे श्रीश्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति फुट प्लाजा सिदगोडा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

केंद्रीय समिति की अपील

जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति ने जिला प्रसाशन से अपील की है कि भक्ति भावना से ओतप्रोत होकर यदि किसी भी पूजा समिति द्वारा कहीं भी थोड़ी-बहुत चूक हो गई है तो उसे नजरअंदाज करते हुए समिति को कार्रवाई के दायरे में ना लाया जाय। समिति के अध्यक्ष चंद्रनाथ बनर्जी ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए शहर में दुर्गा पूजा संपन्न करने के लिए जिला प्रसाशन के साथ तमाम शहरवासी एवं पूजा समिति सराहना के पात्र हैं। जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति शांतिपूर्ण एवं समय पर विसर्जन संपन्न कराने के लिए शहर के तमाम दुर्गा पूजा समितियों एवं जिला प्रशासन का धन्यवाद व आभार जताया है। विसर्जन के दौरान विभिन्न घाटों पर केंद्रीय समिति के पदाधिकारी भी प्रसाशन के साथ मौजूद रहे। इनमें कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष सिंह, महासचिव रामबाबू सिंह, उपाध्यक्ष अशोक सिन्हा, सचिव मनीष कुमार, शंभू मुखी, नंदजी सिंह, परमात्मा मिश्रा, अमियो ओझा, मनोरंजन गौड, चमनदीप गिल, रुद्र प्रताप आदि शामिल हैं।