CHAIBASA: कोल्हान यूनिवर्सिटी (केयू) के सीनेट हॉल में गुरुवार को विश्वविद्यालय का 12वां स्थापना दिवस पहली बार सादगी पूर्वक मनाया गया। कोरोना वायरस के कारण न कोई बड़ा मंच सजा और न ही सैकड़ों की भीड़ बुलाई गयी। केयू प्रशासन ने इस स्थापना दिवस समारोह को ऑनलाइन आयोजित किया। मात्र दो घंटे में पूरा कार्यक्रम संपन्न किया गया। कार्यक्रम स्थल में कोविड-19 से बचने के लिए शारीरिक दूरी का पालन करते हुए मात्र 20 लोग ही उपस्थित हुए। कार्यक्रम 12 बजे से शुरू होकर 2 बजे तक चला। सभी छात्र प्रतिनिधि व जनप्रतिनिधि तथा शिक्षकों को ऑनलाइन आमंत्रित किया गया था। समारोह में विभिन्न कॉलेजों के शिक्षक समेत विद्यार्थी गूगल मीट के जरिए समारोह में शामिल हुए। समारोह का शुभारंभ कुलगीत गाकर किया गया। समारोह में चार सेवानिवृत शिक्षक डा। एसपी मंडल, डा। व्यास सिंह, डा। डीआर कुईली एवं ललन कुमार को सम्मानित किया गया। मौके पर प्रतिकुलपति डॉ अरुण सिन्हा, कुलसचिव डॉ एसएन सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।

चुनौतियां अब भी बरकरार : वीसी

मौके पर वीसी प्रो गंगाधर पंडा ने कहा कि कई चुनौतियों के बीच ऑनलाइन कार्यक्रम करना पड़ा। 12 साल में कोल्हान विशवविद्यालय ने कई उपलब्धियां हासिल की है, लेकिन आज भी कई चुनौतियों से घिरी है। पहले विवि के मात्र 16 अंगीभूत कॉलेज थे, जो बढ़कर अब 20 गये हैं। ऐसे में विवि का दायित्व भी बढ़ा है। अब तक की उपलब्धियों की बात करें तो इसमें ऑनलाइन नामांकन, शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए घंटी आधारित शिक्षकों की बहाली, नये कॉलेज भवन का निर्माण, प्रत्येक विधानसभा में डिग्री कॉलेज, महिला मॉडल कालेज की स्थापना, विभिन्न खेलों का निर्धारित समय पर पूरा करना इत्यादि शामिल हैं। लेकिन विवि के सामने अभी भी कई चुनौतियां हैं। अधिकतर कॉलेजों में पीजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के वर्षाें से में रिक्त पड़े पद हैं जिन्हे अब तक पूरा नही किया जा सका है। साथ ही शिक्षकेतर कर्मचारियों की भी भारी कमी है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी जल्द दूर होगी। इसके लिए कोल्हान विश्वविद्यालय प्राथमिकता के साथ निरंतर उन्हें दूर करने का प्रयास कर रहा है। कॉलेजों में गुणवता शिक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है जो सबके प्रयास से ही संभव है।