JAMSHEDPUR: टाटा स्टील द्वारा संचालित टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) झारखंड का पहला अस्पताल बन गया है जहां शनिवार से कोरोना वायरस से संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए एडवांस थेरेपी के रूप में प्लाज्मा और एंटी वायरस थेरेपी की शुरूआत की गई है।

शनिवार को टेली कांफ्रें¨सग द्वारा टीएमएच के महाप्रबंधक डॉ। राजन चौधरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को टाटा स्टील के दो दानकर्ताओं के प्लाज्मा लिया गया। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी नई दिशा-निर्देश के तहत मरीजों को पैवी पिरवावी और वैन डिसावी जैसे इजेंक्शन दिए जा रहे हैं जो आसानी से झारखंड में उपलब्ध हैं। बकौल डॉ। राजन, टीएमएच झारखंड का पहला अस्पताल है जहां प्लाज्मा थेरेपी शुरू की गई है। हालांकि रांची में जरूर प्लाज्मा बैंक बना है, लेकिन किसी भी मरीज को चढ़ाया नहीं गया है। उन्होंने बताया कि जिन गंभीर मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी दी जा रही है उसके लिए कोई अलग से चार्ज नहीं लिया जा रहा है। टीएमएच सिर्फ स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश का ही अनुपालन कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को प्लाज्मा दान करने की अपील की है जो कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होने के कारण ठीक हो चुके हैं। डॉ। चौधरी ने बताया कि इस सप्ताह की शुरूआत में एसिम्टोमैटिक व गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में अस्पताल में बेड की संख्या कम हो गई है। उन्होंने सभी शहरवासियों से घर पर रहने, मास्क लगाने, शारीरिक दूरी का पालन करने और भीड-भाड़ वाले स्थलों पर नहीं जाने की अपील की।

शनिवार को टेली कांफ्रें¨सग के दौरान टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) के महाप्रबंधक डॉ। राजन चौधरी ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर के कॉरपोरेट हॉस्पिटल से भी मदद ली जा रही है। हम टिनप्लेट अस्पताल में 60 और आइ हॉस्पिटल में 35-40 बेड बनाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, उन्होंने बताया कि बिष्टुपुर स्थित होटल सोनेट को कोविड अस्पताल के रूप में तब्दील किया गया है।