लोहरदगा/रांची : लोहरदगा में 23 जनवरी को हुई सांप्रदायिक ¨हसा के बाद लागू कफ्र्यू में मंगलवार को कोई ढील नहीं दी गई। सोमवार की रात लोहरदगा में ट्रक जलाने की घटना और रिम्स में इलाजरत घायल युवक नीरज राम प्रजापति की मौत के बाद लोगों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने कफ्र्यू में दी जा रही छूट को वापस ले लिया। इससे पहले दो दिनों से कफ्र्यू में ढील दी जा रही थी। कफ्र्यू में कुछ लोग फंसे हुए भी हैं। इन परिवारों की ¨चता बढ़ी हुई है। हालांकि लोहरदगा जिले में स्थिति को सामान्य करने को लेकर रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों के अलावा आइआरबी और दूसरे जिलों से आए हुए सुरक्षा बल के जवान लगातार गश्त करते हुए लोगों से शांति का अनुरोध भी कर रहे हैं। उधर 23 जनवरी को लोहरदगा में हुई हिंसा के दौरान घायल हुए युवक नीरज राम की मंगलवार को रांची के रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। नीरज की मौत के बाद बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के नेता रिम्स पहुंचे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हत्यारों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पोस्टमार्टम हाउस के पास आक्रोशित लोगों की पुलिस से थोड़ी झड़प भी हुई।