रांची (ब्यूरो)। राजधानी रांची समेत राज्य भर के दुर्गम इलाकों में लोगों को मेडिकल फैसिलिटी तत्काल उपलब्ध होने वाली है। इसके लिए उन्हें ज्यादा भाग-दौड़ करने की दरकार नहीं पड़ेगी। जी हां, इमरजेंसी में लोगों को दवाई, ब्लड और वैक्सीन की जरूरत होगी तो तत्काल ड्रोन के जरिए उन तक पहुंचाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इससे दुर्गम इलाकों में स्थित चिकित्सा संस्थानों तक रक्त, वैक्सीन, दवाइयां और अन्य जीवनरक्षक सामग्री ड्रोन के जरिए मिनटों में पहुंच जाएंगी। झारखंड में स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारी जोर-शोर से कर रही है।

स्वास्थ्य विभाग की मंजूरी

ड्रोन तकनीक के जरिए सीएचसी और पीएचसी में ब्लड कलेक्ट संबंधी जरूरतें पूरी की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की मंजूरी भी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के सफल होने पर राज्य के सभी जिलों में इसे लागू किया जाएगा। इसमें सीमित दूरी के रेंज वाले ड्रोन का होगा इस्तेमाल, स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इसके माध्यम से आपात स्थिति में वैसे इलाके जहां तत्काल नहीं पहुंचा जा सकता है वहां बेहतर जांच और सैंपल रिपोर्टिंग करने में ड्रोन तकनीक उपयोगी साबित होगी।

दुर्गम इलाकों में ज्यादा परेशानी

झारखंड में वित्तीय वर्ष 2023-24 में अभी तक करीब 4.50 लाख यूनिट ब्लड कलेक्ट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को इस काम में 65 ब्लड बैंक ने सहयोग किया है। लेकिन दूर-दराज के इलाकों में मरीजों को ब्लड सैंपल एकत्रित करने और ब्लड उपलब्ध कराने में परेशानी होती है। दूर के इलाकों में रहने वाले लोगों को समय पर दवाई भी उपलब्ध नहीं हो पाती है।

केंद्र सरकार की है योजना

देश के दूर दराज और दुर्गम इलाकों में दवाइयों की सप्लाई अब ड्रोन के जरिए की जाएगी। इसके साथ ही अब आदिवासियों और ग्रामीणों को हर मौसम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वास्थ्य सुविधाओं में ड्रोन तकनीक का उपयोग के तहत दवा एवं रक्त सैंपल भेजा जाएगा।