RANCHI: इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तारीख 30 सितंबर तक बढ़ गयी है। कोरोना महामारी की वजह से सरकार ने यह निर्णय लिया है। लेकिन, सबसे बड़ी बात यह है कि डेट बढ़ने के बाद भी लोगों को पेनाल्टी देनी होगी। यह वैसे मामले में होगा, जिसमें बकाया टैक्स का भुगतान नहीं किया गया है। क्योंकि बकाया टैक्स के भुगतान के मामले में आईटीआर की बढ़ी हुई डेट से उसकी गिनती नहीं की जाएगी। आईटीआर की बढ़ी हुई डेट के कारण सिर्फ लेट फ ाइन से छुटकारा मिल सकता है, बकाया टैक्स में यह छूट मान्य नहीं होगी।

31 जुलाई तक जमा करने वाले बच जाएंगे

टैक्स पेयर को एडवांस टैक्स या टीडीएस के तहत अपना टैक्स जमा करना होता है। इसके तहत 31 जुलाई तक एडवांस टैक्स जमा कर चुके लोग पेनाल्टी से बच सकते हैं। यह एडवांस टैक्स के मामले में भी लागू किया जाएगा। इनकम टैक्स पर काम करने वाले सीए रोहित जैन बताते हैं कि इनकम टैक्स के सेक्शन 234 ए के तहत इसको शामिल किया गया है। इसमें कम से कम 10 हजार या इससे अधिक के मामले शामिल हो सकते हैं।

एक परसेंट देनी होगी पेनाल्टी

इनकम टैक्स के सेक्शन 234 ए के तहत देरी से रिटर्न जमा करने के मामले में हर महीने कुल टैक्स देनदारी पर एक प्रतिशत पेनाल्टी के तौर पर इंट्रेस्ट कटता है। इस पर कितना इंट्रेस्ट कट जाएगा यह संबंधित वित्तीय वर्ष के अंतर्गत रिटर्न फाइलिंग की ड्यू डेट के आधार पर तय किया जाता है। एडवांस टैक्स देर से जमा करने के मामले में इनकम टैक्स का सेक्शन 123 बी भी लागू होता है। इसमें भी सेक्शन 123 का एक प्रतिशत सिंपल इंट्रेस्ट चार्ज किया जाता है। जिन लोगों ने 31 जुलाई तक यह जमा कर दिया है वह इस इंट्रेस्ट देने से बच जाएंगे।

बड़े बिजनेसमैन आएंगे दायरे में

यह बडे़ व्यवसायियों के लिए जरूरी है, यह उन्हीं लोगों पर लागू किया जाएगा। इस प्रकार के मामले पर बड़ी फैक्ट्री ओनर, कारोबारी और बड़े व्यवसायी जो बड़े टैक्स पेयर हैं उन पर लागू होता है। आम उपभोक्ता और छोटे टैक्स पेयर पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। आईटी नियम के अनुसार यदि टैक्स देने के मामले में 10000 या उससे अधिक राशि बकाया हो, तो यह उसमें भी शामिल होता है। कुल मिलाकर यह ध्यान रखना है कि आईटी रिटर्न का डेट बढ़ाया गया है, एडवांस टैक्स लायबिलिटी के मामले में जिन लोगों ने 31 जुलाई तक अपना टैक्स जमा कर दिया है, उनको कोई समस्या नहीं है। आईटीआर जमा करने की डेट से यह काउंट नहीं किया जाएगा।

अगस्त में भी ड्यू डेट माना जाएगा

आईटी के सेक्शन 234 ए और बी के तहत जो एक प्रतिशत चार्ज किया जाता है। इसके नियम के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 31 जुलाई 2021 के ड्यू डेट में बकाया टैक्स अमाउंट जमा नहीं किया है और वह अगस्त महीने में जमा करता है तो यह जुलाई महीने का ड्यू माना जाएगा।

एडवांस टैक्स देर से जमा करने के मामले में इनकम टैक्स का सेक्शन 123 बी भी लागू होता है। इसमें भी सेक्शन 123 का एक प्रतिशत सिंपल इंट्रेस्ट चार्ज किया जाता है। जिन लोगों ने 31 जुलाई तक यह जमा कर दिया है वह इस इंट्रेस्ट को देने से बच जाएंगे।

संदीप जालान, सीए

आम उपभोक्ता और छोटे टैक्स पेयर पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। आईटी नियम के अनुसार यदि टैक्स देने के मामले में 10000 रुपए या उससे अधिक की देनदारी का मामला हो तो यह उस पर लागू होता है।

रोहित जैन, सीए