--सिटी के 77 लोकेशंस पर लगाई जानी थी स्मार्ट डस्टबिन

--अब तक सिर्फ भूमि पूजन का ही काम हुआ पूरा

--नगर निगम की हिदायत के बाद भी काम नहीं कर रही नई एजेंसी

--बार बार शिकायत कर पार्षद परेशान

नगर निगम का स्मार्ट डस्टबिन लगाने का वादा फेल हो चुका है, जिस कंपनी को डस्टबिन लगाने की जिम्मेवारी दी गई थी। उसने अब तक सिवाय भूमि पूजन के और कोई काम आगे किया ही नहीं। रांची में लगभग 70 लोकेशंस पर 200 डस्टबिन लगाए जाने की योजना थी। लेकिन सारी योजना सिर्फ भूमि पूजन तक ही सिमट कर रह गई है। केवल स्मार्ट डस्टबिन ही नहीं, बल्कि गली-मुहल्लों में डस्टबिन लगाने का दावा भी रांची नगर निगम का फेल हो चुका है। गली-मुहल्लों में जो डस्टबिन लगाई गई थी वो कब के टूट कर बर्बाद हो चुकी हैं। लेकिन नगर निगम उन्हें अबतक रिप्लेस भी नहीं कर सका है। जबकि नगर निगम के स्टोर में कई नई डस्टबिन पड़ी-पड़ी खराब हो रही हैं। बता दें कि राजधानी रांची में जोंटा कंपनी को डस्टबिन लगाने की जिम्मेवारी दी गई है। काम नहीं होने से नाराज नगर आयुक्त ने पहले भी कंपनी के प्रतिनिधियों को अल्टीमेटम दिया था। लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ।

सिटी में 200 डस्टबिन लगाने का था वादा

सिटी के गली-मुहल्लों में 200 डस्टबिन लगाने का वादा किया गया था। लेकिन अफसोस अबतक एक भी डस्टबिन नहीं लगाई गई है। इस कारण सड़क पर और जहां-तहां कचरे का अंबार नजर आता है। जबकि शहर को कचरा मुक्त बनाने को लेकर नगर निगम पहले भी कई योजना-परियोजना पारित कर चुका है। कभी लाल, हरी, पीली डस्टबिन तो कभी स्टील डस्टबिन लगाने की भी योजना बनी। लेकिन सभी कागज के फूल साबित हुए। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, गली मुहल्लों में डस्टबिन लगाने का काम जोन्टा नामक एजेंसी को दिया गया है। एजेंसी को इस बाबत राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। लेकिन अबतक कहीं डस्टबिन नहीं लगाई गई है।

एजेंसी को पहले भी अल्टीमेटम

एजेंसी को पहले भी कई बार अल्टीमेटम दिया गया है। टेंडर की शर्तो के अनुसार, एजेंसी को काम करने की हिदायत दी गई है। लेकिन कंपनी अपने काम में सफल नहीं हो पा रही है। कंपनी के काम से पार्षद भी खुश नहीं है। इनका कहना है कंपनी ने काम की जिम्मेवारी तो ले ली है लेकिन काम नहीं कर रही है। न तो डस्टबिन लगाया गया है और न ही डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का काम हो रहा है। पार्षदों की ओर से कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद इस दिशा में सुधार नहीं हो रहा है। वार्ड 24 की पार्षद विजय लक्ष्मी एवं वार्ड 28 की पार्षद रश्मि चौधरी ने निगम ने लिखित शिकायत दी है। पार्षदों का कहना है शिकायत के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है।

क्या है स्मार्ट डस्टबिन

रांची में अंडरग्राउंड स्मार्ट डस्टबिन लगाने की योजना बनी थी। कुछ जगहों पर इसके लिए भूमि पूजन भी किया गया। लेकिन डस्टबिन का काम अबतक पूरा नहीं हुआ है। गौरतलब हो कि स्मार्ट डस्टबिन का कंट्रोल स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर में होगा। डस्टबिन भरने पर कमांड सेंटर में लाल बत्ती जल जाएगी। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों को ये जानकारी पहुंच जाएगी कि अब तक डस्टबिन से कचरा हटाया नहीं गया है। निगम के अधिकारी संबंधित लोगों को इसकी जानकारी देंगे, जिसके बाद डस्टबिन से कचरा साफ कर लिया जाएगा। डस्टबिन में सेंसर लगा होगा, जिससे इसकी स्थिति की जानकारी कंट्रोल रूम को मिलती रहेगी। डस्टबिन में जब तक 25 परसेंट कूड़ा रहेगा ग्रीन सिग्नल जलेगा। 50 परसेंट डस्टबिन भरने पर ऑरेंज सिग्नल जल जाएगा और पूरा भरने पर रेड सिग्नल मिल जाएगा।

गंदगी व कचरे से परेशानी

शहर में जहां-तहां गंदगी फैली हुई है। बारिश में स्थिति और भी ज्यादा नारकीय हो जाती है। स्मार्ट सिटी में कई स्मार्ट प्रोजेक्ट चल रहे हैं। सड़क को स्मार्ट बनाने से लेकर शहर भी साफ, स्वच्छ और खूबसूरत बनाने की कवायद चल रही है। लेकिन राजधानी रांची में ऐसा कोई काम नजर नहीं आ रहा है जिससे यहां के रहने वाले लोग खुद को स्मार्ट सिटी में रहने का अनुभव बता सकें। कुछ वीआईपी सड़कों को छोड़ दिया जाए तो शहर के हर गली-मुहल्ले, सड़क में कचरा फैला है। न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही दवा का छिड़काव किया जा रहा है। यहां तक की 53 वार्ड वाले इस शहर में सिर्फ चुनिंदा स्थानों में ही फॉगिंग भी कराई जा रही है।

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