RANCHI: 9 दिसंबर 2014 को चाईबासा में हुए जेल ब्रेक कांड में फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चाईबासा पुलिस द्वारा उठाये जा रहे कदम की जानकारी देर से मिलने के कारण हाइकोर्ट ने बुधवार को चाईबासा एसपी को तलब किया है। उन्हें 5 फरवरी को हाइकोर्ट में सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, चाईबासा में जेल ब्रेक कांड में फरार हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उठाये जा रहे कदम की जानकारी हाइकोर्ट ने मांगी थी। जिसे चाईबासा एसपी से डीएसपी के जरिये एफिडेविट किया गया था। एफिडेविट में देर पर हाइकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए चाईबासा एसपी को तलब किया है।

क्या है मामला

9 दिसंबर 2014 शाम लगभग 4.15 बजे 55 कैदियों को पेशी के बाद कोर्ट से चाईबासा मंडल कारा लाया गया था। जेल के प्रवेश द्वार के अंदर कैंपस में कैदी वाहन खड़ा किया गया था। 22 कैदियों को पहले उतारा गया। सभी दूसरे गेट में प्रवेश कर गये थे। उन्हें अंतिम व तीसरा गेट पार कर जेल के अंदर जाना था। कुछ कैदी तीसरे गेट में घुसे भी नहीं थे कि कैदी वाहन के अंदर बैठे शेष कैदियों ने पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया। उनके हथियार छीनने लगे। हाथापाई होने लगी। इसी बीच नीचे खड़े कैदी वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी की आंख में मिर्ची पाउडर झोंक कर जेल से बाहर भागने लगे। कैदी वाहन के सुरक्षाकर्मी ने हवाई फायरिंग की। यह सुन कर छत से जेल की निगरानी कर रहे संतरी ने भी दो गोलियां दागीं, जो टीपा दास व रामविलास तांती को लगी। फिर मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। तब तक 15 कैदी फरार हो चुके थे। मिर्च पाउडर झोंक कर कैदी वैन से भाग रहे 20 बंदियों पर पुलिस ने गोली चलायी। फायरिंग में पांच कैदियों को गोली लगी। दो की मौत हो गयी। तीन घायल हो गये। 15 कैदी भागने में सफल रहे। इनमें आठ नक्सली और सात अपराधी थे।