रांची(ब्यूरो)। पुलिस की वर्दी पर बार-बार दाग लगते रहे हैं। कभी नशे की हालत में बदतमीजी करने की तो कभी रिश्वत लेने का आरोप भी पुलिस पर लगता रहा है। एक बार फिर लोअर बाजार थाना में महिला डीएसपी ने दो पुलिस कर्मियों पर छेड़छाड़ के लिए भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया है। महिला डीएसपी नेहा बाला ने लोअर बाजार थाने में लिखित आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने दो पुलिसकर्मियों विनोद पांडेय और सीडी उपाध्याय पर छेड़छाड़ में सहयोग करने का आरोप लगाया है। अपने आवेदन में उन्होंने कहा कि सोमवार की रात विसर्जन जुलूस के दौरान कुछ युवक तेज साउंड में गाना बजा रहे थे। सभी युवक नशे की हालत में थे। तेज आवाज सुनकर जब मौके पर गाना बंद कराने पहुंची तो वहां मौजूद एक युवक ने नशे की हालत में गलत नियत से छूने की कोशिश की, जिसके विरोध में महिला डीएसपी ने युवक को थप्पड़ जड़ दिया। महिला डीएसपी ने बताया कि छेडख़ानी करने वाले युवकों को झारखंड पुलिस के दो सिपाही विनोद पांडे और सीपी उपाध्याय भड़का रहे थे। उनकी मदद करने के बजाय दोनों सिपाही नशे में धुत युवकों को मारपीट के लिए उकसा रहे थे।

दो नामजद समेत 15 अज्ञात पर मामला दर्ज

घटना के बाद महिला डीएसपी लोअर बाजार थाना पहुंची और सिपाही विनोद पांडे व सीपी उपाध्याय सहित 15 अज्ञात युवकों पर प्राथमिकी दर्ज करवा दी। लोअर बाजार थाने में महिला डीएसपी ने मारपीट और छेडख़ानी का एक वीडियो भी उपलब्ध करवाया है। पुलिस वीडियो के आधार पर छेडख़ानी करने वाले युवकों की पहचान कर रही है। लोअर बाजार थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।

दोनों सिपाही के समर्थन में सड़क पर उतरे लोग

सिपाही विनोद पांडेय वर्तमान में प्रदेश पुलिस एसोसिएशन में संयुक्त महामंत्री हैं, तो सीपी उपाध्याय गढ़वा में पदस्थापित हैं। पुलिस लाइन में सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया था। सिपाही के बच्चे और आसपास के लड़कों ने मिलकर पूजा का आयोजन किया था। सोमवार को विसर्जन यात्रा निकाली जा रही थी, जिसमें लाउड स्पीकर पर गाना भी बज रहा था। तेज साउंड में गाने की आवाज सुनकर डीएसपी नेहा बाला अपने क्वार्टर से बाहर आती हैं और गाना बंद करने को कहती है। जिसके बाद ही यह मुद्दा गरमा गया। हालांकि महिला डीएसपी घटनास्थल से निकल गई, जिसके बाद पूजा में शामिल सभी सदस्य मूर्ति विर्सजन करने चले गए। लेकिन मंगलवार को डीएसपी की ओर से थाने में एफआईआर दर्ज करने की बात सामने आई, जिसके बाद पुलिस लाइन कैंपस में रहने वाले लोग दोनों सिपाही के समर्थन में उतर आए। लोगों ने बताया कि महिला डीएसपी की ओर से लगाए गए सभी आरोप गलत और बेबुनियाद हैं।

आरोप सही हुआ तो दे दूंगा इस्तीफा

इस मामले में सिपाही विनोद पांडेय ने कहा कि यदि आरोप में जरा भी सच्चाई निकली तो वे स्वेच्छा से इस्तीफा दे देंगे। विनोद पांडेय ने बताया कि कैंपस में पुलिस परिवार के बच्चे सरस्वती पूजा करते हैं। विसर्जन में भी सभी पुलिस परिवार के ही बच्चे थे। बच्चे अधिकारियों को ठीक से नहीं पहचानते इसलिए बच्चों की ओर से थोड़ी गलती हुई, जिसके बाद मैंने खुद ही सभी को डीएसपी मैडम का परिचय देते हुए उन्हें भीड़ से अलग किया।