RANCHI:सिटी में पानी की गंभीर समस्या बनती जा रही है। हर ओर पानी का संकट नजर आ रहा है। कोरोना काल में जहां एक ओर लोग अपना और अपने परिचितों के सेहत का ख्याल रखने में चिंतित हैं, तो वहीं दूसरी ओर एक तबका ऐसा भी है जो सुबह-शाम पानी की जुगत में लगा हुआ है। मधुकम और रुगड़ीगढ़ा में हालात काफी खराब हो चुके हैं। यहां लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। इस मुहल्ले के लोग नगर निगम से भेजे जाने वाले टैंकर पर ही निर्भर हैं। पीने से लेकर खाना बनाने एवं नहाने-धोने में भी इसी पानी का इस्तेमाल हो रहा है। टैंकर भी दिन भर में दो बार आता है, जिससे लोगों को पानी की समस्या बढ़ जाती है। मुहल्ले में सप्लाई लाइन तो है लेकिन इसमें भी पानी दो-तीन दिन बाद थोड़ी देर के लिए आता है।

कोरोना काल में इंफेक्शन का खतरा

कोरोना काल में इंफेक्शन का खतरा बढ़ा हुआ है। जिस तरह राजधानी रांची में कोरोना ने तबाही मचा रखी है इससे हर व्यक्ति भयभीत नजर आ रहा है। लेकिन पानी भी जीवन के लिए बहुत जरुरी है। इस वजह से न चाहते हुए भी आम पब्लिक भीड़ में जाकर पानी भरने को मजबूर है। मधुकम में वाटर टैंकर से पानी लेने आए अर्जुन महतो ने बताया कि हर दिन पानी का इंतजार रहता है। सोसायटी में एक बोरिंग था जो फेल हो चुका है। यहां रहने वाले लोगों ने फंड जमा कर मोटर ठीक कराया था। लेकिन पानी का लेबल नीचे जाने से मोटर फिर जल चुका है। वहीं श्याम किशोर ने कहा कि सिर्फ चार बाल्टी पानी में पूरा दिन निकालना होता है। इतने ही पानी में सभी काम करना है। सरकार को हमारी परेशानियों को समझना चाहिए। यदि मोटर ठीक हो जाएगा तो काफी मदद मिलेगी।

खराब पड़ा है चापानल

रुगडीगढ़ा में एक चापानल की बोरिंग भी कराई गई है। लेकिन तीन साल से चापानल खराब पड़ा है। इसे भी ठीक करा दिया जाता तो पानी की समस्या का समाधान हो जाता। इसके अलावा आस-पास के घरों में लोगों के मोटर भी जलने लगे हैं। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि चापानल की रिपेयरिंग के लिए कई बार वार्ड पार्षद से शिकायत की गई फिर भी कोई समाधान नहीं निकला। हर दिन सुबह से शाम तक परिवार का सभी सदस्य पानी के जुगाड़ में लगे रहते हैं। काम से लौटने पर रात में पानी के इंतजाम में निकलते हैं। दूर-दराज कहीं चापानल से पानी भर कर लाते हैं। मधुकम के लोगों ने बताया कि टैंकर का पानी पीने लायक नहीं रहता, जिस कारण खरीद कर पानी पीना पड़ता है।