रांची (ब्यूरो): वर्क आउट कर अपनेे शरीर को तंदरुस्त रखता है। कोई वजन कम करने तो कोई तो बॉडी को शेप में रखने के लिए जिम ज्वाइन कर रहा है। सिटी के अलग-अलग जिम सेंटरों पर चार्ज डिफरेंट है। ज्यादातर लोग सस्ते जिम सेंटर की तलाश करते हैं, जहां जिम के लिए इक्वीपमेंट्स तो मिल जाते हैैं, लेकिन सही टे्रनर नहीं मिलता। यही कारण लोग खुद अपनी मर्जी से वर्कआउट करने लगते है जो शरीर को फायदा की जगह नुकसान पहुंचाने लगता है। जिम में यदि बिना किसी स्पेशलिस्ट और सही ट्रेनर के पसीना बहाया जाए तो सेहत के लिए न सिर्फ नुकसानदेह, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। इन दिनों जिम में वर्कआउट करते हुए हार्ट अटैक आनेे के मामले देखे जा रहे हैं। पिछले दिनों राजधानी रांची के लालपुर स्थित एक जिम में ऐसी घटना हुई थी, जिसमें वर्कआउट करते हुए एक महिला को हार्ट अटैक आया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

खास ख्याल रखने की जरूरत

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार बढ़ती उम्र के साथ अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। खास कर 40 से अधिक उम्र के हर व्यक्ति में दिल से जुड़ी बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। खासकर उन लोगों में यह खतरा ज्यादा होता है जिन्हें डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की बीमारी हो। ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि अगर आप जिम में इंटेंस एक्सरसाइज कर रहे हैं तो पहले इस बात को लेकर श्योर हो जाएं कि आपको दिल से जुड़ी कोई भी बीमारी तो नहीं है। जिम जाने वाले लोगों को नियमित रूप से हार्ट चेक अप जरूर कराना चाहिए। डॉक्टरों की मानें तो जिन लोगों को दिल से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या है उनके लिए दौडऩा घातक हो सकता है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ राजेश बताते हैं कि दिल की आर्टिरीज में एरीथेमैटस प्लार्क के 'यादा एक्सरसाइज करने से फटने का खतरा बढ़ जाता है, जिसकी वजह से हार्ट अटैक आ सकता है। ऐसे में 40 की उम्र पार करने के बाद लोगों को बहुत ध्यान रखकर एक्सरसाइज करनी चाहिए।

टे्रेनर की सलाह पर ही वर्कआउट करें

जिम ट्रेनर आशुतोष कुमार ने बताया कि पैसे खर्च करके लोग जिम में सेहत बनाने के लिए आते हैं, जहां ट्रेनर की मौजूदगी में वर्कआउट करते हैं, ताकि जल्द से जल्द मसल्स गेन कर सकें, मोटापा दूर कर सकें और फिट बॉडी पा सकें। ट्रेनर के इंस्ट्रक्शन पर ही लोगों को एक्सरसाइज करनी चाहिए। जिम में वर्कआउट करने में लापरवाही बरतने से बड़ा नुकसान हो सकता है। कई केस है जहां जिम में वर्कआउट करते-करते लोग बेहोश हो जाते हैं। उन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही जिम ज्वाइन करनी चाहिए। कई बार देखा जाता है कि मना करने के बाद भी कुछ लोग ट्रेड मिल पर स्पीड में दौडक़र जल्द से जल्द मोटापा घटाने का प्रयास करते हैं। यह बिल्कुल गलत है। बगैर ट्रेनर से सलाह लिए ऐसा नहीं करना चाहिए। आशुतोष बताते हैं कि नॉर्मल एक्सरसाइज करने वालों की तुलना में जिम में ज्यादा वर्कआउट करते होता है। यहां लोग हैवी वेट उठाते हैं, ट्रेडमिल पर दौड़ते हैं। हद से ज्यादा एक्सरसाइज हार्ट पर ज्यादा प्रेशर डालती है जो सेहत के लिए सही नहीं है।

क्या करें, क्या न करें

-जिम जाने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपको दिल से संबंधित कोई रोग तो नहीं।

-आप हार्ट पेशेंट, डायबिटीज पेशेंट तो नहीं हैं, यदि ऐसा है फिर भी आप जिम जा रहे है तो डॉक्टर और ट्रेनर दोनो के सपंर्क में रहें।

-हार्ट पेशेंट जिम में हैवी वर्कआउट न करें।

-हार्ट पेशेंट 20 मिनट से ज्यादा समय तक ट्रेडमिल पर दौड़े नहीं।

-ट्रेडमिल का स्पीड भी ज्यादा नहीं रखें।

-एक्सरसाइज के दौरान तुरंत पानी ना पीएं।

-ट्रेनर की निगरानी में एक्सरसाइज करें।

-अगर जिम के दौरान किसी भी तरह की बेचैनी लग रही हो तो तुरंत वर्कआउट बंद कर दें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

-अगर जिम करते हैं तो डाइट पर फोकस करें।

-रेगुलर चेकअप जरूर कराएं।

जिम में ज्यादा देर तक एक्सरसाइज करना, ट्रेड मिल पर 'यादा दौडऩे से दिल की बीमारी की आशंका बढ़ जाती है। दिल का दौरा तब आता है जब हार्ट में ब्लड का फ्लो गंभीर रूप से कम या बाधित हो जाता है। 'यादा एक्सरसाइज हृदय की मांसपेशियों के हिस्से को नुकसान पहुंचा सकती है। जिससे हार्ट अटैक हो सकता है। ऐसा नहीं है कि जिम में एक्सरसाइज करते ही हार्ट अटैक आ जाए। इसके पीछे कई और कारण जिम्मेदार होते हैं। जैसे- तंबाकू, स्मोकिंग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और फैमिली हिस्ट्री भी इसका कारण हो सकता है।

-डॉ राजेश झा, कार्डियोलॉजिस्ट