28 लाख रुपए से डेवलप होगा झुमका तिराहा

8 महीने पहले कमिश्नर ने बीडीए अफसरों के साथ की बैठक

2 साल पहले नगर निगम ने बनाई थी योजना

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BAREILLY: बरेली शहर का नाम बॉलीवुड में झुमके के लिए फेसम है. देश दुनिया में झुमका गिरा रे बरेली के बाजार में ..गाने ने ऐसी धूम मचाई थी कि हर किसी की जुबान पर बरेली का नाम आया. पिछले कई साल से नगर निगम और बीडीए शहर के एक चौराहे को झुमका चौराहा के रूप में डेवलप करने की योजना बना रहा है, लेकिन सफलता नहीं मिली. अब कहीं जाकर बीडीए की कोशिश कामयाब होती नजर आ रही है. एनएचएआई की परमिशन मिल गई तो जल्द ही बरेली-दिल्ली रोड स्थित परसाखेड़ा जीरो प्वाइंट तिराहा को झुमका तिराहा के रूप में डेवलप किया जाएगा.

बैठक में बनी सहमति
सेंट्रल यूपी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की दो माह पहले बरेली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक हुई जिसमें बीडीए की ओर से इस योजना का प्रस्ताव रखा था. बैठक के दौरान जीरो प्वाइंट तिराहा को डेवलप करने की योजना बनी, लेकिन बजट का रोड़ा फंस गया. इस योजना पर करीब 28 लाख रुपए का खर्च आएगा. बैठक में मौजूद सीयूसीसीआई के मेंबर्स यह खर्च उठाने में असमर्थता जताई तो सीयूसीसीआई के प्रेसिडेंट डॉ. केशव अग्रवाल ने तिराहे के सौंदर्यीकरण कराने का जिम्मा लिया. उनका कहना है कि समाज हित के लिए अन्य लोग जो आर्थिक रूप से संपन्न हैं उन्हें भी ऐसे कार्यो में सहयोग करना चाहिए.

15 अगस्त काम पूरा करने की योजना
आगामी 15 अगस्त तक इस कार्य को पूर्ण करने की योजना बीडीए ने बनाई है. विभागीय अफसरों की माने तो प्रोजेक्ट की कार्ययोजना तैयार हो गई है. एनएचएआई से स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा.

जरी नगरी की थी झलक
बरेली को जरी नगरी के नाम से भी जाना जाता है. झुमके की तर्ज पर तिराहे को डेवलप करने के बाद आसपास जरी प्रोडक्ट की दुकानों के लिए भी जगह दी जाएगी. इसके लिए प्रशासन से मदद मांगी जाएगी. वहीं जरी कारीगरों से बात भी बीडीए ने की है.

इसलिए चुना जीरो प्वाइंट
देश की राजधानी दिल्ली और प्रदेश की राजधानी लखनऊ को जोड़ने वाले एनएच 24 पर परसाखेड़ा जीरो प्वाइंट तिराहा से डेली हजारों की संख्या में लोग गुजरते हैं. बाहर से आने वाले लोग बरेली की इस पहचान से रूबरू हो सकें इसीलिए बीडीए के अफसरों ने जीरो प्वाइंट तिराहा को झुमका प्वाइंट बनाने के लिए चुना.

पहले डेलापीर चौराहा चुना था
नगर निगम के पिछले बोर्ड के कार्यकाल में शहर में झुमका चौराहा बनाने की योजना बनाई गई थी. बोर्ड की सहमति के बाद सबसे पहले झुमके के डिजाइन मांगे गए और डिजाइन सिलेक्ट होने के बाद डेलापीर-100 फुटा रोड तिराहा का चयन झुमका चौराहा के रूम में डेवलप करने के लिए हुआ. करीब आठ महीने पहले कमिश्नर ने बीडीए अफसरों के साथ बैठक कर डेलापीर चौराहे को झुमके की डिजाइन पर डेवलप करने के लिए सर्वे कराया, लेकिन भीड़-भाड़ अधिक होने के कारण योजना परवान नहीं चढ़ सकी.

वर्जन

सीबीगंज तिराहे को झुमके के डिजाइन की तर्ज पर तैयार किया जाएगा. जिसकी कार्य योजना तैयार कर ली गई है. वहीं एनएचएआई ने स्वीकृति मांगी गई है. 15 अगस्त तक इस कार्य को पूर्ण करने की योजना है.

अजित प्रताप सिंह, चीफ इंजीनियर, बीडीए.