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LUCKNOW : एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई ना कर पाने का मलाल दिल में जरूर था, लेकिन मैं इससे निराश नहीं हुआ। यह कहना था कि इंटरनेशनल शूटिंग प्लेयर जीतू राय का। सम्मान समारोह के बाद लखनऊ मे जीतू राय ने कहा कि रियो ओलम्पिक में वह पदक लाने से जरूर चूक गए, लेकिन टोक्यो ओलम्पिक में वह पदक के साथ वापसी करेंगे। उन्होंने बताया कि अब दो इवेंट की जगह सिर्फ एक इवेंट पर ही फोकस कर रहे हैं। दस मीटर एयर पिस्टल में लगातार प्रैक्टिस कर रहे हैं। 50 मीटर के इवेंट से उन्होंने दूरी बना ली है। उन्होंने बताया कि दो इवेंट के चलते फोकस नहीं हो पा रहा था। अपनी कामयाबी का श्रेय कोच गरबराज सिंह को देते हुए उन्होंने कहा कि यदि मुझे वह ट्रेनिंग नहीं देते और आगे का मार्ग नहीं दिखाते तो मैं रिक्रूट ही रहता। आज यहां तक का सफर उनकी ही देन है। आगे भी मैं लखनऊ के लिए ही खेलता रहूंगा।

मेरठ के खिलाडिय़ों ने लूटी महफिल

पुरस्कार पाने वालों में सबसे अधिक खिलाड़ी मेरठ के रहे। इनमे मेरठ की डिसकस थ्रोअर सीमा पुनिया, निशानेबाज रवि कुमार, सौरभ चौधरी, शार्दुल विहान, हॉकी प्लेयर वंदना कटारिया शामिल हैं। मेरठ में खिलाडिय़ों के लिए बहुत अधिक सुविधाएं नहीं है फिर भी वहां के खिलाड़ी अपने दम पर प्रैक्टिस करते हुए मेडल ला रहे हैं।  

शटरल बनना चाहते थे शार्दुल

शूटिंग में मेरा कोई इंटरेस्ट नहीं था। पापा के कहने से शूटिंग (डबल ट्रैप) की प्रैक्टिस शुरू कर दी। मैं तो पहले बैडमिंटन खेलता था। अभी अगले नेशनल की तैयारी कर रहा हूं। मैं इस बार ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाऊंगा क्योंकि डबल ट्रैप इवेंट इस बार शूटिंग में नहीं है। मेरे घर में खेल से किसी का दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। पिता प्रॉपर्टी के बिजनेस में है। उनके कहने पर ही शूटिंग शुरू की। यदि यूपी सरकार मुझे डीएसपी की जॉब देती है तो वह जरूर ज्वाइन करूंगा।
- शार्दुल विहान, शूटिंग

विश्व चैंपियनशिप पर नजर

इंटरनेशनल एथलीट अन्नू रानी ने बताया कि एशियन गेम्स में पदक ना जीत पाने का कारण मेरे फिट ना होना रहा। स्टोन की प्रॉब्लम के चलते मैं अपना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी। लेकिन दोहा में वल्र्ड चैम्पियनशिप होनी है, उसकी तैयारियों में जुटी हूं।
- अन्नू रानी, जैवलिन थ्रो

अगले मुकाबले को तैयार
एशियन गेम्स में मलेशिया के हाथों शूटआउट से मिली हार से हमारा खेल बिगड़ गया। इस हार के लिए हम प्रदर्शन या किसी खिलाड़ी को कुछ नहीं कह सकते। बस वह दिन हमारा नहीं था। इस बार उड़ीसा में वल्र्ड कप आयोजन होना है। उसके बाद एशियन चैम्पियनशिप होनी है। इन दोनों मुकाबलों में टीम बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार है।
- ललित उपाध्याय, हॉकी प्लेयर

ख्वाहिश नये प्लेयर्स को दूं ट्रेनिंग

मैंने लखनऊ में रह कर उन्होंने प्रैक्टिस शुरू की। मैं लखनऊ को कभी नहीं भूल सकती। फिलहाल नेशनल गेम्स में होने वाली वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में व्यस्त हैं। मेरी ख्वाहिश है कि नए खिलाडिय़ों को ट्रेनिंग दे सकूं।
- पूनम यादव, वेटलिफ्टर  

घर में सम्मान की बात निराली

डेनमार्क ओपन और फ्रेंच ओपन की तैयारियां में जुटे हैं। विदेशी धरती के साथ ही देश के कई कोनों में सम्मान मिला है। लेकिन अपने घर में मिले सम्मान की बात ही निराली है।
मनुअत्री, इंटरनेशनल शटलर  

ओलंपिक में मेडल का सपना
अभी मुझे कई टूर्नामेंट खेलने हैं। सबसे महत्वपूर्ण ओलम्पिक के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट है। इसके लिए टीम अभी से प्रैक्टिस कर रही हूं। हर खिलाड़ी का सबसे बड़ा सपना यही होता है कि वह खेलों के महाकुंभ से मेडल ला सके। हमारी टीम भी इस सपने को पूरा करने के लिए प्रैक्टिस शुरू कर दी है।
- वंदना कटरिया, हॉकी प्लेयर
 
कर रहा हूं काफी मेहनत

अभी तो प्रो कबड्डी लीग में व्यस्त हूं। इसके बाद कई इंटरनेशनल मुकाबले होने हैं। उन्होंने बताया कि प्रो कबड्डी लीग के आने से अब मुकाबले टफ हो गए है। विदेशी खिलाडिय़ों को भी इसका फायदा मिला है। मैं पहले से भी काफी ज्यादा मेहनत कर रहा हूं।
- राहुल चौधरी, कबड्डी प्लेयर

खेल से बहुत कम ही लड़कियां जुड़ी
मुज्जफरनगर भले मेरा घर हो लेकिन मेरी कर्मस्थली लखनऊ ही है। यहां साई सेंटर में चल रहे कैम्प में ही मैं प्रैक्टिस कर रही हूं। उन्होंने बताया कि अभी भी कुश्ती में महिला खिलाडिय़ों की कमी है। प्रचार प्रसार ना हो पाने के कारण इस खेल में गल्र्स कम ही आती है। यूपी में तो इस खेल से बहुत कम ही लड़कियां जुड़ी है।
- दिव्या काकरान, कुश्ती प्लेयर

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Posted By: Shweta Mishra

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