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PATNA (11 Feb) : कुख्यात आरोपी जुम्मन खान और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया. जुम्मन की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस की मुखबिरी कराने के लिए जुम्मन ने युवाओं का एक गिरोह तैयार कर लिया था. उस गिरोह के हर सदस्य को वो पांच हजार रुपए महीने का वेतन देता था. पुलिस जैसे ही उसके क्षेत्र की तरफ बढ़ती मुखबिर जुम्मन को फोन कर देते थे और जुम्मन अपना ठिकाना बदल देता था. इसके बाद पुलिस भी खाली हाथ लौट आती थी. पुलिस को संदेह है कि पुलिस और चौकीदार भी उसके लिए मुखबिरी करते थे. हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. मामले की पड़ताल में पुलिस जुटी हुई है.

1991 से फैला रखा है दहशत

जुम्मन वर्ष 1991 में अपराध की दुनिया में उतरा था. एक साथ चार लोगों की हत्या की, बैंक डकैती, आईडी ब्लास्ट सहित अन्य अपराध उसके खिलाफ दर्ज था लेकिन अब तक वो पुलिस के पकड़ में नहीं आ पाया था. पुलिस का मानना है कि मुखबिरी के कारण वह बच जाता था. इस बार पुलिस ने उसके मुखबिर के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए कार्रवाई की और जुम्मन सहित 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने बदला तरीका

ऐसा नहीं है कि पुलिस उसे पकड़ने के लिए पहली बार गई थी. पहले भी दो बार पुलिस रेड करने गई थी लेकिन वो अपना ठिकाना बदल लेता था. इस बार पुलिस ने रणनीति में बदलाव किया और पहले जिस रूट से जाती थी, इस बार वैसे नहीं गई. डीएसपी पालीगंज मनोज पांडे अपनी टीम को बुलाया और सभी लोगों का मोबाइल जब्त कर लिया. इसके बाद अरवल के रास्ते जुम्मन के घर गए और घेराबंदी कर लिए.

लोगों ने ली राहत की सांस

आरोपी जुम्मन का क्षेत्र में काफी दबदबा था. उससे लोग डरते थे. वो लोगों से रंगदारी मांगता था और नहीं देने पर उन्हे जान से मारने की धमकी देता था. इसके साथ ही किसी का मकान बनता था तो लोग उसे चढ़ावा के रूप में रुपए देते थे. उसकी गिरफ्तारी के बाद लोगों को काफी राहत मिली. खुशी में लोगों ने सोमवार को पुलिस जिंदाबाद के नारे भी लगाए.

क्या है मामला

जुम्मन और उसके साथियों के एक जगह जुटे होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छापेमारी की. इस दौरान जुम्मन की टीम ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी. पुलिस और जुम्मन के बीच करीब 70 राउंड फायरिंग हुई. इसमें पुलिस ने 20 राउंड वहीं अपराधियों ने 50 राउंड फायरिंग की.

 

इन आरोपियों को कोर्ट ने भेजा जेल

महताब उर्फ जुम्मन निवासी जम्हरू.

मो. आजाद निवासी खुशडिहरा.

शैलेंद्र कुमार निवासी जिला अरवल.

अरमान, खिरमोड़ पटना.

सरफुद्दिन, खिरमोड़ पटना.

शकील, खिरमोड़ पटना.

अब्दुल अहद निवासी खिरमोड़ जिला पटना.

मजहर, खिरमोड़ पटना.

अमानुल्ला निवासी खिरमोड़ जिला पटना.

शहजाद निवासी खिरमोड़ जिला पटना.

मो. सज्जाद निवासी खिरमोड़ जिला पटना.

सुरेश सिंह निवासी खिरमोड़ जिला पटना.


अब प्रॉपर्टी भी होगी जब्त

जुम्मन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब ये पड़ताल कर रही है कि जुम्मन ने अवैध धंधे से कितनी प्रॉपर्टी खड़ी की है. पुलिस अवैध कमाई की प्रॉपर्टी भी जब्त करेगी. इसके साथ इसके गैंग में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है. जुम्मन की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र के बदमाशों ने अपना ठिकाना बदल लिया है.