कानपुर (फीचर डेस्क)। नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस कंगना रनौत ने 2006 में महेश भट्ट की गैंगस्टर से बॉलीवुड की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने कई ऐसी फिल्में की जिन्हें उन्होंने खुद अपने दम पर चलाया। कंगना का कहना है कि वह फिल्मों में हीरो की साइडकिक कभी नहीं बनना चाहती थीं। हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह हमेशा से ही कुछ ऐसा बनना चाहती थीं जो किसी हीरो की साइडकिक न हो। क्या इस तरह के लेवल से वह खुद पर प्रेशर फील करती हैं? इस सवाल पर एक्ट्रेस ने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता। जब आपको वह चीज मिलती है, जिसकी आपको तलाश रहती है या जिसके लिए आपने काफी लंबा इंतजार किया है, तब आपको उसे एक जिम्मेदारी के तौर पर लेना चाहिए।

दूसरे जेंडर का मजाक बनाने से है प्रॉब्लम

अपने करियर में कंगना ने कई तरह की फिल्में की हैं। एक सवाल के जवाब पर कंगना ने कहा कि नाचने और गाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अगर दूसरे जेंडर का मजाक बनाया जाता है और उन्हें कम समझा जाता है या आपको अच्छा दिखाने के लिए उसे नीचा दिखाया जाता है तब यह एक प्रॉब्लम हैै।

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असमानता पसंद नहीं है

कंगना ने यह भी कहा कि पेड़ के ईद-गिर्द नाचने में भी लैंगिक असमानता है। एक म्यूजिकल करने में मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। मैंने रंगून जैसी फिल्म की है, जिसमें कई सारे नाच-गाने के सीन थे, लेकिन मैं फ्रेम में मेरे फ्रॉक या उड़ते बालों के साथ किसी और को अच्छा

दिखाने के लिए नहीं थी, मुझे इस तरह की असमानता पसंद नहीं है। बता दें कि कंगना अपनी अपकमिंग मूवी धाकड़ में एक्शन करती हुई दिखाई देंगी।

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इसलिए कंगना डोनेट करने वाली हैं अपने ईयरिंग्स, कावेरी नदी के किनारे लगाने हैं 242 करोड़ पेड़

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