कानपुर (ब्यूरो)। सोर्सेज के मुताबिक 15 नवंबर पर पीएमओ ने अपनी सहमति दे दी है। तैयारियों को लेकर डीएम विजय विश्वास पंत ने कैंप ऑफिस में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, जल निगम और नगर निगम अधिकारियों के साथ मीटिंग कर सख्त दिशा-निर्देश दिए। पीएम से पहले नमामि गंगे के कार्यो की समीक्षा के लिए खुद सीएम योगी आदित्यनाथ 5 नवंबर को कानपुर आ सकते हैं। सीएम गंगा में गिरने वाले नालों को निरीक्षण भी करेंगे।

डीएम ने लगाई फटकार

ट्यूजडे को पीएम का प्रोग्राम का फाइनल होने के बाद डीएम ने आनन-फानन अधिकारियों की मीटिंग बुलाई। इसमें पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ। एसबी फ्रैंकलिन को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि टेनरी बंदी के बावजूद गंगा में टेनरी वेस्ट कैसे जा रहा है। इस पर अधिकारी बगले झांकते रहे। वहीं जल निगम को सीवर लाइन का काम तेजी से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। बावजूद इसके जल निगम अधिकारी 5 दिसंबर तक काम पूरा होने की बात कह रहे हैं।

वाटर कंजर्वेशन पर महत्वपूर्ण बैठक

पीएम नरेंद्र मोदी के जल शक्ति अभियान की शुरुआत करने के बाद से कानपुर में 2 बार जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारी मीटिंग कर निरीक्षण कर चुके हैं। जल संरक्षण को लेकर रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वेस्ट वाटर रिसाइक्लिंग, झील और तालाबों को फिर से जीवित करने के साथ ही उनको संवारने के प्रयास भी शुरू किए जा चुके हैं। पीएम के कार्यक्रम को लेकर भी इस दिशा में तैयारियों को फिर से तेज कर दिया गया है।

5 स्टेट के सीएम आएंगे

पीएम की अहम मीटिंग में 5 स्टेट के सीएम आएंगे। इसमें उत्तराखंड, यूपी, बिहार, झारखंड और वेस्ट बंगाल के सीएम भी आएंगे। इन 5 स्टेट से गंगा होकर बहती है। इनके साथ पीएम नमामि गंगे की समीक्षा के साथ गंगा का जायजा भी लेंगे। वहीं सीसामऊ नाले का निरीक्षण भी करेंगे। सीएम के आलावा मीटिंग में 7 कैबिनेट मिनिस्टर मेंबर और एनएमसीजी के डायरेक्टर भी मौजूद रहेंगे।

आईआईटी में मीटिंग फाइनल

सूत्रों के मुताबिक, आईआईटी में पीएम की मीटिंग को फाइनल किया गया है। पहले गंगा बैराज स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में पीएम मीटिंग को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।

सिक्योरिटी को बनेगा जल कवच

गंगा बैराज पर पीएम के संभावित प्रोग्राम को देखते हुए बड़ी बोट पर मंथन किया जा रहा है। पीएम मोदी के लिए बनारस में जो बड़ी बोट यहां घूमने आने वाले टूरिस्ट्स के लिए चलती है, उसे यहां पर लाया जा सकता है। वहीं पीएम की सुरक्षा की वजह से घाट से आसपास के इलाके में एनडीआरएफ की टीम के साथ गोताखोर, जलपुलिस के एक्सपर्ट भी तैनात रहेंगे। गंगा के दोनों तरफ के घाटों समेत जलधारा में भी सुरक्षा का कड़ा सुरक्षाचक्र बनाया जाएगा।

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Posted By: Dheeraj Sharma

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