- हालात हुए बेकाबू तो शुरू हुआ डैमेज कंट्रोल

- सीएमओ ने खुद माना, बीते साल के मुकाबले बढ़ा डेंगू का प्रकोप, 2 हजार से ज्यादा पेशेंट्स की हो चुकी है डेंगू की जांच

-नाकामी छिपाने के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट ने डेंगू की जांच पर लगाया पहरा, हालात के लिए नगर निगम पर फोड़ रहा ठीकरा

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KANPUR: सिटी में डेंगू पर पटना जैसे हालात बने तो नाकामी छिपाने के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट ने डेंगू की जांच पर ही पहरा बैठा दिया. डेंगू की रिपोर्ट लीक न हो, इसके लिए मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब पर हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारी जम गए हैं. हालांकि जांच के लिए सैटरडे को भी दर्जनों सैंपल पहुंचे. वहीं डेंगू पर काबू पाने में नाकाम हेल्थ डिपार्टमेंट इसका ठीकरा नगर निगम पर फोड़ रहा है.

डाटा छिपाने की कोशिश

कानपुर में डेंगू की पीसीआर जांच फैसेलिटी उर्सला और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की लैब में है. हालांकि उर्सला में सारी सुविधाएं होने के बाद भी अभी तक एक पेशेंट की डेंगू की जांच नहीं की गई है, इस वजह से मेडिकल कालेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब पर कानपुर समेत आसपास के जिलों से आने वाले डेंगू के सस्पेक्टेड केसेस की जांच का बोझ है. इस सीजन में अभी तक 2 हजार से ज्यादा पेशेंट्स की जांच हो चुकी है. बीते 10 दिनों में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ा है. फ्राईडे को डेंगू के एक दिन में ही 110 केसेस सामने आने के बाद हेल्थ डिपार्टमेंट के हाथपांव फूल गए. सैटरडे सुबह से ही हेल्थ डिपार्टमेंट से जुड़े आफिसर्स माइक्रोबायोलॉजी लैब पहुंच गए. इस दौरान डेंगू का सारा डाटा जुटाने के साथ इसकी रिपोर्ट लीक न हो, इसके उपाय खोजने में लगे रहे.

84 सैंपल्स की हुई जांच

माइक्रोबायोलॉजी लैब में सैटरडे को डेंगू के 84 सस्पेक्टेड केसेस की जांच की गई. इसके अलावा दो बड़ी प्राइवेट पैथोलॉजी में भी डेंगू की जांच के लिए दर्जनों पेशेंट्स के सैंपल पहुंचे. हालांकि इनकी रिपोर्ट पता नहीं चल सकी. वहीं सीएमओ के मुताबिक इस साल अब तक 618 डेंगू पॉजिटिव पेशेंट्स मिले हैं और यह संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है. जबकि बीते साल 500 से भी कम डेंगू पॉजिटिव केसेस थे.

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2 हजार पेशेंट्स कै सैम्पल की हो चुकी है इस साल जांच

618 डेंगू पॉजिटिव पेशेंट्स मिले हैं इस साल अब तक

110 पेशेंट्स सिर्फ फ्राइडे को ही आए थे सामने

84 पेशेंट्स के सैंपल की सैटरडे को की गई जांच

500 से भी कम डेंगू पाजिटिव मिले थे पिछले साल

वर्जन-

बीते साल के मुकाबले डेंगू के केसेस बढे़ हैं. हमारी ओर से इस पर लार्वासाइडल स्प्रे छिड़काव से लेकर हर तरह के जरूरी उपाय किए जा रहे हैं. नगर निगम से भी साफ सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने की अपील की है.

- डॉ. अशोक शुक्ला, सीएमओ, कानपुर नगर

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डेंगू के लक्षण-

- तेज बुखार, सिरदर्द, पीठ में दर्द, शुरू में जोड़ों में भी दर्द रहता है.

- ब्लड प्रेशर कम होना शरीर का टैम्प्रेचर 104 तक हो जाना

- आंखे लान होना, गले के पास सूजन आना, यह शुरुआती 2 से 4 दिन में होता है

- इसके बाद बीच में कुछ आराम होता है, लेकिन फिर बॉडी टैम्प्रेचर बढ़ता है. हथेली और पैर लाल होने लगते हैं. यह स्थिति खतरनाक होती है डेंगू हेमेरेजिक स्टेज में पहुंचने लगता है.

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ऐसे करें बचाव-

- यह मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है. इसलिए जहां रहें वहां मच्छरों से बचाव के मुकम्मल इंतजाम करें

- बुखार दो दिन से ज्यादा हो तो खुद इलाज करने की बजाय सीधे डॉक्टर को दिखाएं, प्लेटलेट्स काउंट पर भी नजर रखें

- यह एक तरह का वायरल इंफेक्शन होता है. जिसमें एंटीबायोटिक दवा की भी जरूरत नहीं होती, सिर्फ पैरासीटामॉल दवा ही काफी होती है