-रेल मंत्रालय स्टेशनों और ट्रेनों में तैनात करेगा अंडर कवर एजेंट्स

-गुप्त होगी पहचान, यात्री बनकर पैंसेजर सर्विसेस और अफसरों के बर्ताव पर रखेंगे नजर

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ALLAHABAD: रेलवे के हर जोन और मंडल में अधिकारियों-कर्मचारियों की फौज तैनात है. इन पर यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने, गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी है. इसके बाद भी पैसेंजर्स को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. सैकड़ों शिकायतें हर रोज रेलमंत्री तक पहुंच रही हैं. इसको देखते हुए रेलवे ने अब अपने विभाग में 'जासूस करमचंद' तैनात करने का फैसला किया है. 100 से अधिक की संख्या में तैनात ये जासूस सीधे रेलमंत्री पीयूष गोयल को रिपोर्ट करेंगे.

भारत में पहली बार

इस फैसले के साथ ही रेलमंत्री पीयूष गोयल भारत के ऐसे पहले मंत्री बन गए हैं जो अपने ही विभाग की जासूसी करवा रहे हैं. गौरतलब है कि 20वीं शताब्दी में अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम ने कुछ फर्मो के कर्मचारियों की एकता भांपने के लिए ऐसे जासूसों की नियुक्ति की थी.

नाम दिया है 'मिस्ट्री शॉपर'

इन अंडर कवर एजेंट्स हकीकत का पता लगाएंगे. जिन्हें 'मिस्ट्री शॉपर' का नाम दिया गया है.

-रेलवे ने जो सुविधाएं दी हैं, वह हकीकत में पैसेंजर्स को मिल रही हैं नहीं?

-पैसेंजर्स को निर्धारित रेट पर स्टेशन पर व ट्रेन में खाने-पीने की चीजें मिल रही हैं या नहीं? खाने की क्वॉलिटी कैसी है?

-स्टेशन की वर्तमान सफाई व्यवस्था का हाल और स्टेशन पर सफाई के लिए उपलब्ध संसाधन कैसे हैं.

-स्टेशन पर किस तरह अवैध वेंडर्स धंधा कर रहे हैं और उनको किन कर्मचारियों का संरक्षण है?

-कुली टिकट रिजर्वेशन कराने का रैकेट तो नहीं चला रहे, उनके साथ कौन-कौन शामिल?

-पूछताछ खिड़की पर व शिकायत काउंटर पर कर्मचारी पैसेंजर्स से किस तरह बातचीत करते हैं.

- आरपीएफ और जीआरपी की किसी घटना की सूचना पर कार्रवाई व गश्त करने की कार्यप्रणाली कैसी है

- अवैध रूप से चल रही ट्रैवल एजेंसियां किन कर्मचारियों की साठगांठ से टिकट करा रही हैं

-पैंट्रीकार में किस तरह का खाना परोसा जा रहा, पैसेन्जर्स को बिल दिया जा रहा है कि नहीं? बिहैवियर कैसा है?

अफसरों को भी नहीं रहेगी खबर

रेल मंत्री के जासूसों की पहचान इतनी गुप्त होगी कि उनके बारे में न तो जोन के जीएम को जानकारी होगी और न ही मंडल के डीआरएम को. इनकी पहचान रेल मंत्री के सिवा किसी को नहीं होगी. जासूसों की टीम विभिन्न रूट की ट्रेनों से सफर करेगी. रेलवे की हर सर्विस पर कड़ी नजर रखेगी.

वीडियो बना जुटाएंगे सुबूत

सोर्सेस के मुताबिक 'मिस्ट्री शॉपर टीम' स्टेशन और ट्रेनों में मिलने वाली खामियों का सबूत इकट्ठा करने के लिए उसका वीडियो भी बनाएंगे. ताकि संबधित अधिकारी मुकर न सकें. इस टीम की बताई खामियों को दूर करने को रेलवे बोर्ड तत्काल कार्रवाई करेगा. ट्रेन में मिलने वाली सर्विसेस की रेटिंग भी करेंगे और रिपोर्ट बनाकर मंत्रालय को देंगे.

पैसेंजर्स की शिकायतों और समस्याओं पर रेल मंत्रालय काफी गंभीर है. इसीलिए रेल मंत्री ने एक यूनिक प्लान बनाया है. ताकि पैसेंजर्स को बेहतर से बेहतर सुविधाएं मिलती रहें.

-गौरव कृष्ण बंसल,

सीपीआरओ, एनसीआर