- कौवाबाग क्रॉसिंग में फॉल्ट के बाद रेलवे ने किया फैसला

- सीआरएस ने दी गार्डर लगाने की परमिशन

GORAKHPUR: कौवाबाग अंडरपास के नीचे से इसी साल लोग आ-जा सकेंगे. अंडरपास को बनाने में आई अड़चनों के बाद इसके बनने का रास्ता साफ हो गया है. प्लान में तब्दीली के बाद इसकी परमिशन के लिए कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) को लेटर भेजा गया था और प्लान रिवाइज करने की परमिशन मांगी गई थी, जो सीआरएस ने शुक्रवार को दे दी है. अब नई प्लानिंग के हिसाब से गार्डर लगाकर मिट्टी निकाली जाएगी और बॉक्स पुश किया जाएगा. इसका काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है.

गार्डर तैयार, काम शुरू होने का इंतजार

रेलवे के अंडरब्रिज बनाने की प्रॉसेस तेजी से चल रही है. टेक्निकल अड़चनों की वजह से काम डिले हो गया है. अब रेलवे ट्रैक के नीचे लगने वाले गार्डर बॉक्स को जिम्मेदारों ने तैयार कर लिया है. वहीं अप्रोच बनाने का काम धीरे-धीरे किया जा रहा है. अब परमिशन भी मिल गई है. जल्द ही गार्डर को एक-एक कर ट्रैक के नीचे पुश कर दिया जाएगा, जिसके बाद बॉक्स लगाए जाएंगे.

एक तरफ झुक गया था बॉक्स

कौवाबाग अंडरपास को बनाने में कुछ टेक्निकल पेंच सामने आ गए. रेलवे ट्रैक के नीचे 20 मीटर लंबाई तक अंडरग्राउंड बॉक्स गलत दिशा में डाल दिया गया. क्रॉसिंग के नीचे नमी होने के चलते 13 मीटर बॉक्स धंस गया. रेलवे क्रॉसिंग के नीचे 43 मीटर बॉक्स सेट किए जाने हैं. साउथ एंड पर एप्रोच वे का काम फाइनल स्टेज में पहुंच चुका है. जबकि दूसरे एंड पर धीरे-धीरे काम चल रहा है.

16 करोड़ स्वीकृत

कौवाबाग रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाने के लिए रेलवे ने 16 करोड़ रुपए अप्रूव किए हैं. बंगलुरू की एक फर्म को ठेका दिया गया है. क्रॉसिंग को बंद कर काम काफी तेजी से शुरू किया गया. 42.5 मीटर की लंबाई में दो-दो मीटर के बॉक्स डाले जाने थे. क्रॉसिंग पर अंडरपास बन जाने से हजारों लोगों की राह आसान हो जाएगी. मौजूदा वक्त में क्रॉसिंग बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. मोहद्दीपुर चौराहा और चारफाटक ओवरब्रिज पर जाम की प्रॉब्लम से भी लोग रोजाना रूबरू हो रहे हैं.

फैक्ट फाइल

अंडरपास की ऊंचाई - 3.66 मीटर

बॉक्स की लंबाई - 42.5 मीटर

एप्रोच के साथ लंबाई - 350 मीटर

अंडरपास की चौड़ाई - 12 मीटर

रोजाना आवाजाही - लगभग 30 हजार

वर्जन

सीआरएस से गार्डर लगाकर बॉक्स लगाने की परमिशन मिल गई है. जल्द ही इसका काम शुरू कर दिया जाएगा.

- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे