- केदारनाथ पैदल मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ड्रोन से रखी जा रही नजर

- थर्सडे को पैदल मार्ग में पहाड़ी से पत्थर गिरने से घायल एक और ने तोड़ा दम

RUDRAPRAYAG: पुलिस और एसडीआरएफ की मदद से फ्राइडे दोपहर केदारनाथ यात्रा शुरू कर दी गई, लेकिन यात्रियों की राह आसान नहीं हुई है. तीर्थयात्रियों की संख्या कम रही. पैदल मार्ग पर जोखिम को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. ड्रोन से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है. यात्रा शुरू करने से पहले बीते रोज केदारनाथ से लौटते वक्त पड़ावों पर रोके गए यात्रियों को सुरक्षित गौरीकुंड पहुंचाया गया.

एक घायल तीर्थयात्री ने दम तोड़ा

सोलह किलोमीटर के केदारनाथ पैदल ट्रैक पर भीमबली और लिनचोली के बीच थर्सडे दोपहर पहाड़ी से पत्थर गिरने के साथ ही भूस्खलन हुआ था. जिससे एक घोड़ा संचालक और 16 तीर्थयात्री इसकी चपेट में आ गए थे. घोड़े और उसके संचालक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 16 तीर्थयात्री घायल हो गए थे. इनमें गंभीर रूप से घायल दो तीर्थयात्रियों में से एक ने फ्राइडे को दम तोड़ दिया. मृतक की शिनाख्त 59 वर्षीय ज्ञानचंद के रूप में हुई है. मृतक कहां का रहने वाला था, यह पता नहीं चल पाया है. गंभीर रूप से घायल दूसरे तीर्थयात्री चमोली निवासी शुभम नेगी को देर शाम गौरीकुंड से गुप्तकाशी सरकारी अस्पताल लाया गया.

दोपहर साढ़े बारह बजे शुरू हुई यात्रा

जान के जोखिम को देखते हुए थर्सडे को पड़ावों पर रोकी गई केदारनाथ की यात्रा फ्राइडे दोपहर साढ़े बारह बजे शुरू कर दी गई. हालांकि, एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने केदारनाथ धाम से लौट रहे 770 तीर्थयात्रियों को लिनचोली तक लाने का क्रम सुबह ही शुरू कर दिया था. लेकिन, केदारनाथ जाने वालों को भीमबली से आगे नहीं जाने दिया जा रहा था. स्लाइडिंग जोन में मलबा हटाने के बाद दोपहर यात्रा सुचारु कर दी गई. चार सौ से अधिक यात्रियों को पुलिस व एसडीआरएफ टीम ने स्लाइडिंग जोन पार करवाया.