-डायरिया और फूड प्वाइजिंग के बढ़ रहे मरीज

आगरा. मानसून के दौरान लोगों में उल्टी, दस्त, बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायतें बढ़ी है. वायरल फीवर ने लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रखा है. डॉक्टरों के अनुसार यह वायरल तीन से चार दिन रह रहा है. इसके साथ ही फेस्टिवल में फूड प्वाजिंग का खतरा बढ़ जाता है. एसएन मेडिकल कॉलेज की रोजाना चलने वाली ओपीडी में डायरिया के मरीज बढ़े है. मरीजों को खान-पान के दौरान उल्टी-दस्त की शिकायतें भी बढ़ी है. स्वास्थ्य विभाग आगरा सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार वत्स ने लोगों को मानसून के दौरान बाहर का खाना न खाने की सलाह दी है. सीएमओ डॉ. मुकेश ने कहा कि बरसात के दौरान अक्सर बाहर का खाना खाने से तमाम तरह की बीमारियां लगती है.

ओपीडी में आते है 300 से अधिक मरीज

एसएन मेडिकल कॉलेज की बाल रोग की ओपीडी में हर रोज तीन सौ अधिक मरीज आ रहा है. आने वाले मरीजों में उल्टी दस्त और बुखार के मरीज आ रहे है. जिनमें से अधिक दिनों तक बुखार के मरीजों को ब्लड टेस्ट के लिए भेजा जा रहा है. डॉक्टर ने बताया कि बरसात के दिनों में गंदगी और बाहर के खान-पान के दौरान इंफेक्शन फैल जाता है. ऐसे में फूड प्वाइजिंग का भी खतरा बढ़ जाता है.

डायरिया के कारण

-इसकी मु़ख्य वजह पानी और खाना-पीना है

-पेट में कीड़ो या बैक्टीरिया के संक्रमण से

-वायरल इंफेक्शन के कारण

-साफ-सफाई के अभाव में

-शरीर में पानी की कमी हो जाने के कारण

-पाचन शक्ति के कमजोर होने से

डायरिया के लक्षण

-बार बार मल त्याग करना

-रोगी के पेट के पूरे निचले भाग में दर्द और बैचेनी महसूस होना

-पेठ में ऐठन होना

-जी मिचलाना, चक्कर आना

-बार बार मलत्याग से शरीर में बहुत कमजोरी का महसूस होना

यह बरतें सावधानी

-पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करे

-तेल, मसालों के खाने से परहेज करे

-डायरिया होने के पहले दो दिन तक बच्चे को फल, कैफिन पेय पदार्थ, दूध एवं वसायुक्त भोजन न दे

-केले, चावल, सेब का मुरब्बा और टोस्ट का मिश्रण दे. इससे डायरिया में आराम मिलता है

-कच्चा केला और चावल का सेवन करे

बरसात के दिन चल रहे है. बाहर का कुछ भी खाने से बचे. मिठाइयों को ज्यादा दिन रखकर न खाए. बुखार या उल्टी दस्त होने पर डॉक्टर को बिना देरी करे दिखाए.

डॉ. मुकेश वत्स, सीएमओ