हजारों में से गिनती के पशुओं को मिला आश्रय

देर शाम तक पशु पकड़ने में जुटी निगम की टीम

Meerut. मुख्यमंत्री के आदेश का नगर निगम पर भले ही कोई असर न हुआ हो लेकिन हाईकोर्ट की फटकार के बाद नगर निगम दिन रात निराश्रित पशुओं की धरपकड़ करने में जुट गया है. इस क्रम में शुक्रवार को नगर निगम की 40 से अधिक टीम दिनभर शहर में आवारा पशुओं को पकड़ने में जुटी रही वहीं निगम की आधी अधूरी तैयारियों के चलते निराश्रित पशु काजी हाउस और अस्थाई आश्रय केंद्र में सर्द हवाओं से जूझने को मजबूर हैं. वहीं देर रात तक निगम पशुओं के चारे और पानी का इंतजाम तक भी नही कर पाया, जिससे पशु असहाय रूप से निगम की कैद में बंद रहे.

हजारों पशुओं के लिए इंतजाम

हाईकोर्ट द्वारा निराश्रित पशुओं की धरपकड़ के लिए 20 जनवरी तक मिले समय मे निगम को शहर की सड़कों पर घूम रहे हजारों की संख्या में पशुओं को पकड़ कर आश्रय देना है. लेकिन इसकी शुरुआत में ही निगम फेल हो रहा है. जैसे तैसे निगम ने पिछले दो दिनो में 150 के करीब पशुओं को काजी हाउस और सूरजकुंड स्थित आश्रय केंद्र में बंद कर दिया, लेकिन इन पशुओं के लिए चारे और पानी का इंतजाम निगम द्वारा देर शाम तक नही हो सका. वहीं काजी हाउस में खुली सर्द हवाओं और गंदगी के बीच पशुओं में बुखार से लेकर खुर पका तक की बीमारी पांव पसारने लगी है लेकिन निगम को इसकी सुध नही है.

पशु मालिक पर जुर्माना

पशुओं को सड़का पर छुटटा छोड़ने पर नगर निगम पशु मालिक से 10 हजार रुपए जुर्माना वसूलेगा. इस क्रम में शुक्रवार को भी निगम के अस्थाई आश्रय केंद्र और कांजी हाउस पर पशु मालिकों की भीड़ लगी रही. लोगों ने आरोप लगाया निगम के कर्मचारी जबरन घर के बाहर घूम रहे पशुओं को भी पकड़ कर ले गए. अब दस हजार रुपए जुर्माना वसूला जा रहा है.

600 पशुओं को आश्रम की व्यवस्था

निगम ने दावा किया है कि कांजी हाउस समेत सूरजकुंड और अच्छरौड़ में बनाए गए अस्थाई आश्रय केंद्र में फिलहाल 600 के करीब पशु रह सकते हैं उनके चारे से लेकर दवाई तक की निगम के पास व्यवस्था है. पशु चिकित्सक भी नियमित रुप से दो बार पशुओं की जांच करेंगे.

अस्थाई गौशाला में निगम की व्यवस्था-

काजी हाउस समेत सूरजकुंड और अच्छरौड़ा में बनी अस्थाई गोशाला

सूरजकुंड डिपो के अंदर करीब 1800 वर्ग मीटर एरिया में 400 पशु की व्यवस्था

काजी हाउस में 50 और अच्छरोड़ा में करीब 150 पशुओं की व्यवस्था

गोबर से खाद व कंपोस्टिंग आदि में प्रयोग की व्यवस्था

स्थाई गौशाला से मिलेगा पशुओं को आश्रय

प्रशासन के सहयोग से नगर निगम द्वारा करीब 15 करोड़ की लागत से परतापुर के बराल में स्थाई गौशाला बनाने की डीपीआर तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजी जा चुकी है. इस डीपीआर पर सहमति मिलते ही पशुओं को शहर के बाहर एक स्थाई आश्रय मिल जाएगा.

फैक्ट

कान्हा उपवन के तहत 15 करोड़ की लागत से बराल में बनेगी गौशाला

नगर निगम द्वारा 7 हेक्टेयर में बनाई जाएगी पशु गौशाला

7 हेक्टेयर में से 2 हे्रक्टेयर गौवंशों के रहने, 4 हैक्टेयर पशु चारा और 1 हैक्टेयर में रिक्त स्थान रहेगा

इस गौशाला में 650 से अधिक पशुओं के लिए होगा व्यवस्था

स्थाई गौशाला में लगेगा गोबर गैस प्लांट और मिल्क पार्लर

गोबर से बनने वाली खाद को बेचने के लिए अलग से बनेगा काउंटर

जिलाधिकारी ने किया सूरजकुंड डिपो का निरीक्षण

वही मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीएम अनिल ढींगरा ने भी नगर निगम की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द गौवंश पशुओं को आश्रय की व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश दिया है. इस क्रम में शुक्रवार को डीएम ने सूरजकुंड डिपो स्थित अस्थाई आश्रय केंद्र का निरीक्षण कर विशेष दिशा निर्देश जारी किए.

डीएम ने दिए निर्देश

सुबह सवेरे डीएम ने पशु आश्रम केंद्र का निरीक्षण करते हुए चारे व पानी समेत पशुओं की चिकित्सा समेत पशुओं की नंबरिंग कराने व पशुओं को खुला छोड़ने वालों से जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त मनोज चौहान, अपर नगरायुक्त अमित सिंह, जितेंद्र केन, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे.