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PATNA : ऐसे संस्थानों पर सरकार नियंत्रण रखे और दिशा निर्देश दिया जाए कि सभी दोषियों को चिन्हित किया जाए एवं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। क्योंकि इन्होंने स्टूडेंटस को आम नागरिकों को और सरकार को भी नहीं छोड़ा है। स्टूडेंटस, आम नागरिकों के साथ सरकार के साथ भी धोखाधड़ी की गई है। अधिवक्ता का कहना है कि अन्य सभी आदेश उच्च न्यायालय काच् सही लगे उसके लिए याचिका दायर की गई है।

जनहित के लिए अधिवक्ता का हाईकोर्ट से प्रेयर
जनहित याचिका के तहत याचिकाकर्ता अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने न्यायालय से प्रेयर किया है कि न्यायालय आदेश उचित एजेंसी को आदेश दे की सीबीआई जांच कराए कि सुपर 30 रामानुजम इंस्टीच्यूट ऑफ मैचमेटिक्स एवं इसके साथ साथ अन्य सभी संस्थान जिसे आनंद कुमार व उनके भाई प्रणव कुमार चला रहे हैं। उसकी वैधता है या नहीं इसकी जांच कराई जाए। यह सही है या नहीं इसकी भी जांच कराई जाए क्योंकि इन लोगों की प्रसिद्ध बिहार एवं देश के बाहर इसी संस्थान को लेकर है। यह संस्थान पिछले कुछ सालों से टॉपरों के दावों को लेकर विवाद से घिरा है।

100 से अधिक घोटाला खोल चुके हैं सेंगर
सुपर 30 के आनंद कुमार और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग करने वाले अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर पटना हाईकोर्ट में पीआईएल के एक्सपर्ट अधिवक्ता के रुप में जाने जाते हैं। वह अब तक सौ से अधिक घोटाले को उजागर कर चुके हैं। इसमें लालू यादव परिवार से जुड़ा मिट्टी घोटाला के साथ शौचालय घोटाला, स्कालरशिप घोटाला, चर्चित सृजन घोटाला, इंटर मीडिएट टॉपर स्कैम, बीएसएससी पेपर लीक घोटाला, भागलपुर बटेश्वर बांध घोटाला सहित अन्य कई बड़ा घोटाला शामिल है। अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर पर इन बड़े घोटालों को उजागर करने को लेकर आधा दर्जन बार जानलेवा हमला भी हो चुका है। अधिवक्ता ने सुरक्षा को लेकर कई बार प्रदेश के जिम्मेदार लोगों से मांग भी कर चुके हैं। एडवोकेट मणिभूषण प्रताप सेंगर ने बताया सुपर 30 भी इंटरनेशनल स्कैम है और इस मामले में भी उनकी जान को खतरा हो सका है। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि इंटरनेशनल स्कैम को उजागर करने के लिए सीबीआई जांच की मांग करने में उनपर फिर हमला किया जा सकता है।