इस समय हम खुद को मां दुर्गा के इन नौ स्वरूपों को समर्पित करके अपने जीवन को धन्य कर सकते हैं। स्वयं में शांति और एक विशेष ऊर्जा का विकास कर सकते हैं। नौ दिन, नवरात्र के दिन, मां के नौ स्वरूपों का दिन। उन स्वरूपों को पूजने का दिन। ये नौ रूप, नौ ऊर्जाएं हमारे जीवन में आने वाली हर नकारात्मकता से हमें बचाती हैं।

ये नौ दिन हम स्वयं में शांति और एक विशेष ऊर्जा के सानिध्य में रह सकते हैंं और ये तभी होगा, जब हम स्व ( खुद ,स्वयं ) के साथ जुड़ाव को महसूस करेंगे। हम कोशिश करें कि हमारा मन पूजा में पूर्ण रूप से लगे और हम उस दिव्य ऊर्जा, परमात्मा के साथ स्वयं के जुड़ाव को महसुस करें। उसके लिए यह जरूरी है कि हमारे घर के उत्तर पूर्व क्षेत्र की तरंगें पूरी तरह से संतुलित हों। तभी ही हमारा अपने ईष्ट के साथ जुड़ाव पूरी तरह से होता है और हमारा उनके प्रति समर्पण होता है। ऐसा जब होता है, तब हमें उनका आशीर्वाद भी जीवन में मिलने लगता है। हर दिशा के अपने एक खास देवता हैं, जो उस दिशा के प्रजापति हैं और हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करते हैं, इसलिए उस क्षेत्र के देवता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उस दिशा विशेष में ही पूजा करनी चाहिए।

दक्षिण और दक्षिण पूर्व क्षेत्र में हम मां दुर्गा को विराजमान करें। नवरात्र में यहां इस क्षेत्र में पूजा, हवन करने से शक्ति, आत्मा विश्वास और जीवन में मजबूती की प्राप्ति होती है। नवरात्र में यहां नौ दिन मां दुर्गा की पूजा उपासना और ध्यान करने से हम स्वयं में उस ऊर्जा को महसूस कर सकते हैं और हमारा जुड़ाव बना रहे, इसके लिए हम ध्यान दें कि इस क्षेत्र में कोई भी लोहे का पुराना या खराब सामान ना हो, तब ही सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हमें दिखेगा। मां अम्बे, मां दुर्गा का आशीर्वाद हमें मिलता रहे, उनकी दिव्य ज्योति से हमारा जीवन जगमगाता रहे।

- प्रेम पंजवानी

Posted By: Vandana Sharma

Spiritual News inextlive from Spiritual News Desk