द हेग (एएनआई)। अंतरराष्ट्रीय अदालत में भारत की बड़ी जीत हुई है। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने बुधवार को पाकिस्तान को भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की सजा पर फिर से समीक्षा करने के लिए कहा है और उनके फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। अंतरराष्ट्रीय अदालत में दक्षिण एशिया विंग की अंतरराष्ट्रीय कानूनी सलाहकार रीमा ओमेर ने अपनी एक ट्वीट में बताया है, 'कोर्ट ने पाकिस्तान को प्रभावी समीक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है और साथ ही यह भी कहा है कि वह जाधव की सजा पर फिर से विचार करे। अदालत ने योग्यता के आधार पर भारत के पक्ष में फैसला सुनाया है और जाधव को कौंसुलर एक्सेस और अधिसूचना के अधिकार भी प्रदान करने के लिए कहा है।'

भारत की कुछ मांगों को किया गया खारिज
रीमा ने कहा कि हालांकि, कोर्ट ने भारत की उन मांगो को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि पाक सैन्य अदालत के फैसले को रद किया जाये और उन्हें रिहा करके सुरक्षित पाकिस्तान से भारत भेजा जाए। बता दें कि इस चर्चित मामले में आईसीजे की तरफ से पांच महीने बाद आया है। 21 फरवरी को भारत और पाकिस्तान की दलीलें सुनने के बाद आईसीजे के जज युसुफ की अगुवाई वाली 15 सदस्यीय पीठ ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। इस मामले की कार्यवाही पूरी होने में दो साल और दो महीने लग गए हैं।

अप्रैल 2017 में सुनाई गई थी सजा
पूर्व भारतीय नौसैनिक कुलभूषण जाधव को अप्रैल 2017 में पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ भारत आईसीजे में पहुंच गया था। पाकिस्तान का कहना था कि मार्च 2016 में बलुचिस्तान प्रांत से जाधव को ईरान से देश में प्रवेश करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। आईसीजे को दिए रिपोर्ट में पाकिस्तान ने कहा था कि जाधव एक सामान्य व्यक्ति नहीं है क्योंकि वह बलूचिस्तान के रस्ते जासूसी के इरादे से देश में घुसा था। हालांकि, भारत पाकिस्तान के सभी आरोपों को मानने से इनकार कर देता है।

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