- गोलघर मार्केट में सड़क पर गाडि़यां खड़ी कर गायब हो जाते हैं लोग

- बेतरतीब खड़ी गाडि़यां बनती हैं लंबे जाम की वजह, लग्जरी गाडि़यों पर ट्रैफिक पुलिस का भी नहीं चलता जोर

GORAKHPUR: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने में अधिकारियों के पसीने छूट जा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ लोग अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे. अब शहर के गोलघर मार्केट का ही हाल देख लीजिए. यहां की मेन रोड का हाल ये है कि इसका यूज अब वाहन खड़ा करने के लिए किया जा रहा है. आधी से अधिक सड़क पर डेली गाडि़यां ही खड़ी रहती हैं जिसके चलते इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को लंबे जाम का सामना करना पड़ता है. जिस रोड से एक साथ तीन गाडि़यां निकल सकती हैं उस रास्ते का हाल ये है कि एक कार को भी निकालने में हालत खराब हो जाती है. वहीं, ट्रैफिक पुलिस है कि सड़क पर बेतरतीब खड़ी लग्जरी गाडि़यों पर उनका जोर ही नहीं चलता.

कुछ दिन चला अभियान, फिर वही हाल

हालांकि कुछ समय पहले गोलघर में सड़क पर खड़ी गाडि़यों को टोचन करके ट्रैफिक कार्यालय पहुंचाया जाता था. वहां चालान शुल्क जमा करने के बाद गाड़ी छूटती था. लेकिन इस अभियान के बाद भी लोग नहीं सुधरे तो ट्रैफिक पुलिस भी थककर बैठ गई. इसके कारण अब ये हालत है कि कोई भी गाड़ी कहीं भी लोग खड़ी कर घंटों मार्केट करते हैं. वहीं, सड़क पर खड़ी गाडि़यों के चलते गुजरने वाले राहगीर जाम झेलते रहते हैं.

सड़क बन जाती पार्किग

गोलघर की सड़कों पर डेली हजारों गाडि़यां लावारिस की तरह खड़ी रहती हैं. हॉर्न बजाते रहिए लेकिन इन गाडि़यों को हटाने कोई आगे नहीं आता है. ऐसा नहीं है कि ये गाडि़यां थोड़ी देर ही खड़ी रहती हैं. आप पूरे दिन इन गाडि़यों को सड़क पर ही देखेंगे.

लग्जरी गाडि़यों पर नहीं चलता बस

सबसे अधिक दिक्कत तो लग्जरी गाडि़यां खड़ी करती हैं. इनमें बैठे किसी शख्स से अगर गाड़ी थोड़ा आगे बढ़ाने के लिए कोई कह दे तो ये रौब दिखाते हैं. यही नहीं कई तो लड़ने को भी तैयार रहते हैं. इस वजह से सड़क पर खड़ी लग्जरी गाडि़यों में बैठे शख्स से ट्रैफिक पुलिस भी कुछ कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाती. ज्यादा बोलने पर ये पावर भी दिखाने लगते हैं.

बॉक्स

नहीं चल सका स्टैंड

कुछ दिन पहले यहां पर नगर निगम की तरफ से स्टैंड की व्यवस्था की गई थी जो कुछ दिन भी नहीं चल सकी. गोलघर में आने वाले ज्यादातर लोग स्टैंड या फिर कोई नियम मानने को तैयार नहीं होते. इसलिए स्टैंड संचालक भी वसूली ना होने के कारण भाग खड़े हुए.

कोट्स

गोलघर में लोग बीच सड़क पर ही गाडि़यां खड़ी कर देते हैं. वे ये भी नहीं सोचते कि ये मेन रास्ता है जिधर से हजारों वाहन गुजरते हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए.

मोहित

जब जाओ तब जाम ही रहता है. आने-जाने वाली गाडि़यों की वजह से नहीं बल्कि बेतरतीब खड़े किए वाहनों की वजह से यहां पर जाम लगता है.

अजीत सिंह

हॉर्न बजाते रहो लेकिन सड़क पर गाड़ी खड़ी किए रहते हैं. अगल-बगल ट्रैफिक पुलिस भी रहती है लेकिन वो भी कुछ नहीं करती है.

अभय कुमार

गाडि़यां चलती रहें तो कभी जाम ही नहीं लगे. लेकिन कुछ खास लोग अपने आगे किसी को कुछ समझते ही नहीं हैं. ये अपनी मनमानी से सबको परेशान करते हैं.

विराज पांडेय