- 15 मार्च को डीएम को सौंपा था मांगपत्र, डेढ़ माह बाद भी नहीं दिया जवाब

- कई सामाजिक कार्यो को अंजाम दे रहे किन्नर समुदाय में पनप रही निराशा

BAREILLY:

समाज से तिरस्कृत और अलग-थलग होकर जीवन यापन कर रहा किन्नर पर्यावरण बेहतर बनाने की जुगत में है. बावजूद इसके समाज और प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा. मालूम हो कि पॉलीथिन बैन के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किन्नरों ने इस मुहिम में खुद को शामिल करने के लिए गत 15 मार्च को लेटर दिया था लेकिन एडमिनिस्ट्रेशन अब तक इसका कोई जवाब नहीं दिया है. जबकि किन्नर यहां कई अच्छा काम कर रहे हैं.

कई सामाजिक कार्य किए

किन्नर समाज ने ममता की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा का मंदिर बनाकर शहर को गौरवान्वित होने का मौका दे चुका है. इसके अलावा भ्रूण हत्या रोकने के लिए किन्नर समुदाय ने 'कन्या सुरक्षा समिति' बनाई. इसके जरिए किन्नर समाज को बेटी बचाने और पढ़ाने का संदेश दिया है. अनाथ बच्चों के लिए 'पालना' मंदिर में लगाने को संबंधित विभाग को पत्र भेज लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. समिति अध्यक्ष किन्नर सरोज ने बताया कि किन्नर समाज में मिक्सअप होने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं. समाज और प्रशासन से सहयोग की दरकार है.

किन्नरों की योजना

गुजरते समय के साथ नाउम्मीद होते जा रहे किन्नर समुदाय की एक अदद मंशा कहीं अधूरी न रह जाए. किन्नर समुदाय के राजू शमीम के मुताबिक जिले के करीब 24 सौ और मंडल के 15 हजार किन्नरों को शामिल कर मुहिम चलाने की योजना बनाई गई. सड़कों और मार्केट में पॉलीथिन बैन कराने के लिए सोशल साइट्स का सहारा लिए जाने की योजना है. जिसकी प्रत्येक रिपोर्ट 'कन्या सुरक्षा समिति' फेसबुक पेज पर अपलोड की जाएगी. चोरी छिपे पॉलीथिन का प्रयोग करने वालों की डिटेल लेकर वहां पहुंचकर पॉलीथिन के प्रति अवेयर किया जाएगा, लेकिन प्रशासन के नकारात्मक रवैया के बाद भी किन्नर समुदाय प्रशासन से उम्मीद लगाए हुए है.