मेरठ में 139 शादीघर और मंडप अवैध

2019-07-13T06:00:49Z

163 मंडपों की सूची एमडीए ने हाईकोर्ट में दाखिल की

24 मंडपों का ही नक्शा पास एमडीए के मुताबिक

256 कुल शादीघर और मंडप हैं मेरठ में

163 मंडप पड़ते हैं प्राधिकरण के क्षेत्र में

139 मंडपों में नहीं हैं अभी मानक पूरे

27 जुलाई से पूर्व मंडपों का एक बार फिर प्राधिकरण करेगा सर्वे

2008 से पूर्व बने मंडप और उसके बाद बने मंडपों को दिया था ब्योरा

Meerut। मेरठ में 139 शादीघर और मंडप अवैध हैं। हाईकोर्ट में दाखिल 163 मंडपों की सूची में से महज 24 मंडप ऐसे हैं, जिनका नक्शा प्राधिकरण से पास है। बीते गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान मंडप संचालकों को निर्देश दिए कि वे 27 जुलाई से पूर्व मंडप संचालन के लिए निर्धारित मानकों को पूरा कर लें और और मेरठ विकास प्राधिकरण से कहा कि वे निर्धारित अवधि तक मानकों को पूरा न करने वाले मंडपों के खिलाफ कार्रवाई करें और कार्रवाई रिपोर्ट हाईकोर्ट को दें।

जनहित याचिका में घिरा एमडीए

शादीघरों के बाहर सड़क पर पार्किंग से जाम लगता है। आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना द्वारा दाखिल जनहित याचिका में हाईकोर्ट ने मेरठ विकास प्राधिकरण को कटघरे में खड़ा करते हुए एक-एक मंडप की डिटेल तलब की थी। एमडीए द्वारा हाईकोर्ट में दाखिल रिपोर्ट में दर्शाया गया कि मेरठ में 163 मंडपों का संचालन हो रहा है जिसमें से 24 मंडप ऐसे हैं, जिन्होंने प्राधिकरण से नक्शा पास कराया है। अन्य 139 मंडप और शादीघर पूरी तरह अवैध हैं। हालांकि इन 24 मंडपों में से ज्यादातर मंडप ऐसे हैं, जिनकी अपनी खुद की पार्किंग नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट ने इन मंडपों की वैधता पर भी सवाल उठाया है।

रिपोर्ट में 163 मंडप

एमडीए की रिपोर्ट में वर्ष 2008 से पूर्व बने मंडप और उसके बाद बने मंडपों को विस्तृत ब्योरा दिया गया था। प्राधिकरण ने इस रिपोर्ट में मंडपों को कैटेगरी में भी बांटा था। जिस पर हाईकोर्ट ने प्राधिकरण को आदेश दिए कि वो सभी मंडपों की विस्तृत जांच करे और मानकों के अनुरूप न मिलने पर मंडपों और शादीघरों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करे। वहीं दूसरी ओर मेरठ मंडप एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने कोर्ट के आदेश को संज्ञान लेते हुए सभी मंडपों को मैसेज कर दिया वे 27 जुलाई से पूर्व पार्किंग समेत मानकों को सुनिश्चित कर लें। अन्यथा की स्थिति में हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में होने वाली कार्रवाई से एसोसिएशन रिलीफ नहीं दिला पाएगी।

27 जुलाई से पूर्व मंडपों का एक बार फिर प्राधिकरण सर्वे करेगा। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिन मंडपों के मानक अधूरे हैं उन्हें सील किया जाएगा। आगामी डेट तक प्राधिकरण कोर्ट के आदेश के अनुपालन आख्या प्रस्तुत करेगा।

मनोज कुमार सिंह, तहसीलदार, एमडीए एवं प्रभारी न्यायिक कार्य

हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सभी मंडप संचालक पार्किंग एवं अन्य मानकों की व्यवस्था नियत समयावधि से पूर्व कर लें। कोर्ट के आदेश पर यदि कोई कार्रवाई होगी तो उसमें मंडप एसोसिएशन सहयोग नहीं कर पाएगा।

विपुल सिंघल, महामंत्री, मेरठ मंडप एसोसिएशन


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