टाटा स्टील में नौकरी दिलाने के नाम पर ठग लिए 5 लाख रुपये

2019-06-11T10:17:05Z

टाटा स्टील कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठग दो सौ से ज्यादा लोगों से पांच लाख की ठगी का मामला प्रकाश में आया है

jamshedpur@inext.co.in
JAMSHEDPUR: टाटा स्टील कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठग दो सौ से ज्यादा लोगों से पांच लाख की ठगी का मामला प्रकाश में आया है. ठग फरार हो गया. रविवार को ठगी का शिकार हुए पीडि़त मुख्यमंत्री रघुवर दास के एग्रिको स्थित आवास पहुंचे, लेकिन वहां लिखित शिकायत लेने वाला कोई नहीं था. मायूस होकर सभी पीडि़त एसएसपी के पास फरियाद लेकर पहुंचे यहां सभी ने एसएसपी अनूप बिरथरे से मिलकर ठग से पैसे वापस करवाने की गुहार लगाई.

आरोपी विक्की दिल्ली फरार
मानगो स्थित बालीगुमा के वास्तु विहार निवासी विक्की सिंह गोल्डी ने दो सौ से ज्यादा युवकों से फर्जी कंपनी जीके कंस्ट्रक्शन एंड गोल्डी टूर एंड ट्रेवल्स के नाम पर पांच लाख से ज्यादा ठगी कर ली. ठगी का शिकार स्थानीय लोगों के अलावा बिहार, ओडिशा और बंगाल के लोग भी शामिल हैं. ठगी का एहसास होने पर सभी ने विक्की सिंह से पैसे लौटाने को कहा, लेकिन पैसे लौटाने का बहाना करते हुए गोल्डी दिल्ली फरार हो गया. युवको ने गोल्डी के घर पर जाकर देखा पर वहां ताला लगा हुआ था.

ऐसे फंसाया जाल में
विक्की ने जीके कंस्ट्रक्शन एंड गोल्डी टूर एंड ट्रैवल्स के नाम की एक फर्जी कंपनी बनाई. तीन महीने पहले उसने अपने साथी संजीव सिंह से संपर्क कर कंपनी में मैन पॉवर के लिए कहा. संजीव सिंह ने विक्की की मुलाकात अमित सिंह से करवाई जो की कंपनी में मैन पावर सप्लाई करने का काम करता है. विक्की ने अमीत से कहा की उसने टाटा स्टील कंपनी में ठेका मिला है जिसके लिए उसे ज्यादा से ज्यादा मैन पावर की जरूरत है. इसके लिए उसे सभी काम लगाने के लिए कमीशन देना होगा, यहां से ठगी का काम शुरू हुआ.

पैसे वापस मांगने पर दी धमकी
ठगी के शिकार युवकों द्वारा काम के बारे में पूछने पर विक्की का एक ही जवाब रहता कि अभी और मैन पावर की जरूरत है. युवकों को धीरे-धीरे खुद को ठगे जाने का एहसास हुआ तो सभी ने अमीत सिंह से अपने रुपये वापस लौटाने को कहा. अमीत ने विक्की से संपर्क कर सभी के पैसे लौटाने की बात कही तो उसने पैसे वापस नहीं करने और देख लेने की धमकी देते हुए फोन बंद कर दिया. इधर युवकों द्वारा अमीत से पैसे की मांग की जा रही है.

जैसा पद वैसा कमीशन
अमीत ने कंपनी के बाहर खड़े कुछ बेरोजगार युवकों को कंपनी में काम के लिए कहा. इसके लिए सभी से तीन से छह हजार रुपये वसूले गए. जैसा पद वैसा कमीशन. युवकों को यह कहकर जाल में फंसाया गया की उन्हे न्यूनतम मजदूरी दस हजार और अधिकतम 25 हजार रुपये मिलेंगे. भरोसा जितने के लिए विक्की ने युवकों से आधार काडऱ्, बैंक पासबुक, पुलिस वैरीफिकेशन, गेट पास जैसे कागजात भी जमा करने को कहा. ये सभी रुपये अमीत सिंह के पास जमा होते थे जिसे विक्की आकर ले जाया करता था. अमीत ने इसका रिकार्ड एक बही में रखा है. बाद में विक्की बाहर चला गया. अमीत जमा रुपये को उसके खाते में डालने लगा.


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