50 सीसीटीवी खंगाले गए 10 कैमरे में कैद हुए खूनी गाड़ी अभी भी राज

2019-08-18T06:01:10Z

- स्कार्पियो और सफारी मॉडल में उलझी पुलिस, खूनी गाड़ी का नहीं लग सका सुराग

- हत्यारों का सुराग तो दूर, गाड़ी का नंबर तक पता नहीं लगा सकी

- पुराने विवाद के आरोपियों की गिरफ्तारी भी अब तक नहीं

LUCKNOW: इंदिरानगर में स्कूटी सवार तीन युवकों को टक्कर मारने वाली सफारी का पुलिस अब तक पता नहीं लगा सकी है। डबल मर्डर को पुलिस अभी हादसे की दिशा देने में जुटी है। वहीं पुलिस खूनी गाड़ी का रहस्य अब तक नहीं सुलझा सकी है। पुलिस का लचर रवैया देखते हुए पीडि़त परिवार ने डबल मर्डर की न्यायिक जांच की मांग की है।

दो किमी में 50 सीसीटीवी कैमरे खंगाले

इंदिरानगर के अरविंदो पार्क के सामने रात 10 बजे सफारी ने स्कूटी सवार तुषार, उसके दोस्त पवन और हिमांशु का पीछा कर उन्हें टक्कर मार दी थी, जिसमें पवन और तुषार की मौत हो गई थी जबकि हिमांशु अभी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। डबल मर्डर के बाद पवन के परिजनों ने हत्या का केस दर्ज कराया था। मामले की जांच कर रही इंदिरानगर पुलिस ने कलेवा चौराहे से अरविंदो पार्क के आस-पास करीब दो किमी की दूरी पर 50 सीसीटीवी खंगाले हैं, जिसमें से 10 सीसीटीवी में खूनी गाड़ी कैद भी हुई है। हालांकि पुलिस अब तक न तो गाड़ी का नंबर पता लगा सकी और ना ही यह तय कर सकी है कि गाड़ी स्कार्पियो थी या सफारी।

तीसरे साथी को अब तक नहीं आया होश

वहीं घटना में गंभीर रूप से घायल हिमांशु का शनिवार को आपरेशन किया गया, लेकिन उसे अब तक होश नहीं आया। पुलिस हिमांशु के होश में आने का इंतजार कर रही है ताकि घटना और उसके पीछे के कारण का सच सामने आ सके। वहीं पवन के परिजनों का कहना है कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने की जगह उन्हें बचाने में जुटी है। फुटेज में सफारी स्ट्रोम गाड़ी नजर आ रही है, लेकिन पुलिस उसे स्कार्पियो बता रही है। इसी कलर की गाड़ी आरोपियों के एक साथी के पास है।

72 घंटे बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं

पवन और तुषार से कुछ लड़कों का झगड़ा हुआ था। 8 अगस्त को उन लड़कों ने पवन व तुषार को घेरकर पीटा था। पवन के सिर पर गंभीर चोट आई थी और उसका मोबाइल भी लड़कों ने छीन लिया था। इस मामले में पवन ने 12 अगस्त को इंदिरानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। चारों आरोपी चांदन निवासी इशू वीर सिंह, विक्की, संदीप सिंह और सचिन को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी। 14 अगस्त की रात घटना के बाद परिजनों ने तीनों पर हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन सभी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

स्पेशल बाक्स-

हत्या से चार घंटे पहले हुई थी पंचायत

पवन के भाई पंकज का आरोप है कि इंदिरानगर पुलिस ने आरोपी संदीप सिंह, संदीप चौधरी, इश्यू वीर सिंह और विक्की सिंह से समझौता करने के लिए थाने पर बुलाया था। हिमांशु, तुषार और पवन एक ही स्कूटी पर बैठकर 14 अगस्त को बुधवार शाम 6 बजे थाने पर गए थे। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों केसाथ आए चांदन गांव का सफारी सवार भी उस समय वहां मौजूद था। दोनों पक्षों में समझौते केदौरान थाने के बाहर ही विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्ष एक दूसरे को अंजाम भुगतने की धमकी देकर थाने से चले गए। इंस्पेक्टर इंदिरानगर संतोष कुशवाहा का कहना है कि किसी भी पीडि़त या आरोपी पक्ष को थाने पर समझौते के लिए नहीं बुलाया गया था।


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