आबकारी के अधिकारों में नौ फीसदी की कटौती

2019-01-19T06:01:05Z

अब एक फीसदी शराब की दुकानों का ही सजृन कर सकेगा विभाग

आबकारी विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने उठाया कदम

Meerut : शासन ने नई आबकारी नीति के तहत आबकारी विभाग के अधिकारों में कटौती कर दी है। अब आबकारी विभाग अपनी मर्जी से सिर्फ एक प्रतिशत तक ही शराब की दुकानों का सृजन कर सकेगा। इससे पहले आबकारी अधिकारी अपनी मर्जी से 10 प्रतिशत तक दुकानों की संख्या में इजाफा कर सकते थे।

ये हैं नए आदेश

मुख्यमंत्री ने 2019-2020 की नई आबकारी नीति में फैसला लिया है कि आबकारी विभाग के कमिश्नर अब अपनी मर्जी से शराब व बीयर की दुकानों की संख्या में इजाफा नहीं कर सकेंगे। अगर बहुत जरूरी होगा तो वह सिर्फ एक फीसदी तक शराब व दो फीसदी तक बीयर की दुकानों का सृजन कर सकेंगे।

पहले क्या था आदेश

इससे पहले आबकारी विभाग के कमिश्नर अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए शहर में देशी व अंग्रेजी शराब की दस प्रतिशन दुकानों का सृजन अपने स्तर से बढ़ा सकते थे। इसके बाद वह अपने चाहने वालों को उसका आवंटन करवा देते थे, जिससे आबकारी विभाग के शराब के ठेकेदारों से मिलीभगत की शिकायत आती थी। जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि शासन के नए आदेश के मुताबिक अब नई दुकानों के सृजन के लिए केवल एक फीसदी की सीमा तय की गई है, इससे ज्यादा बढ़ोतरी के लिए शासन से अनुमति लेनी होगी।


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