डराते हैं ये जर्जर भवन लोग रह रहे पर कभी झांकने नहीं गया निगम

2019-07-07T06:00:56Z

जोन वाइज जर्जर भवन

जोन 1 55

जोन 2 20

जोन 3 75

जोन 4 20

यह भी जानें

-2017-18 में निगम ने जर्जर भवनों की पहचान के लिए चलाया था अभियान

-170 भवन चार जोन में पाए गए थे जर्जर

-2 साल से निगम की ओर से जारी नहीं किया गया नोटिस

-2 साल से निगम को जर्जर भवन की नहीं मिली शिकायत

-बारिश के चलते कभी भी गिर सकते जर्जर भवन, हो सकता बड़ा हादसा

-दो साल पहले जारी किया गया था नोटिस, खाली कराने की निगम ने नहीं उठाई जहमत

बरेली : बारिश शुरू होते ही शहर के जर्जर भवन खतरनाक हो गए हैं। ये कभी भी गिर सकते हैं। इनके पास से निकलने में डर लगता है पर निगम की अनदेखी की वजह से लोग बेफिक्र होकर रह रहे हैं। जर्जर भवन को चिह्नित कर नोटिस जारी करने और उसे खाली कराने या गिराने का प्रावधान है। पर निगम ने पिछले दो सालों से भवनों की पहचान करने की भी जहमत नहीं उठाई है। वहीं सालों पहने जिन भवनों को नोटिस जारी किया था, वहां निगम दोबारा झांकने तक नहीं गया। जिससे हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है।

इतने भवन मिले थे जर्जर

साल 2017-18 में नगर निगम ने शहर में जर्जर भवनों की पहचान के लिए अभियान चलाया था। चारों जोन में करीब 170 भवन जर्जर मिले थे। जिस पर निगम ने नोटिस तो जारी किया गया, लेकिन दोबारा इन भवनों की निरीक्षण करने की भी जहमत नहीं उठाई गई। इसकी वजह से लोग अब भी इन जर्जर भवनों में रह रहे है, जो कभी भी गिर सकते हैं।

शिकायत पर जागता निगम

नगर निगम शहर वासियों की सुरक्षा के प्रति कितना जागरूक है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिन वार्डो में भवन जर्जर हैं, वहां रहने वाले लोग जब निगम में शिकायत दर्ज कराते हैं तो निगम की ओर से भवन मालिकों को नोटिस जारी कर पल्ला झाड़ लेता है। वहीं पिछले दो साल से निगम ने जर्जर भवन में रह रहे लोगों को नोटिस तक जारी नहीं किया गया है।

यह है नियम

नगर निगम की ओर से शहर में अभियान चलाकर ऐसे भवनों की पहचान की जाती है, जिनकी हालत जर्जर हो चुकी हो। इसके बाद निगम मकान मालिक को नोटिस जारी कर निर्धारित समय को खाली करने को कहता है। इसके बाद इन भवनों को गिरा दिया जाता है। अगर तय समय में मकान मालिक भवन खाली नहीं करता है या विरोध करता है तो कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

वर्जन :

जब शिकायत मिलती है तो निरीक्षण कर नोटिस जारी किया जाता है। हालांकि दो वर्षो से कोई भी शिकायत नहीं मिली है। अगर भवन स्वामी सूचना नहीं दे रहे हैं तो जल्द अभियान चलाया जाएगा।

ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त।


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