कम कीमत पर जेनेरिक दवाएं उपलब्‍द कराने के लिए वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने आज बजट सत्र में कहा कि सरकार देश भर में 2016-17 में देश में तीन हजार जन औषधि स्‍टोर खोले जाएंगे।


बजट में की घोषणाबजट 2016-17 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता वाली दवाओं का उत्पादन चुनौती रहा है। हम जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति में लाएंगे। वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान प्रधानमंत्री की जन औषधि योजना के तहत 3000 स्टोर खोले जाएंगे। जन औषधि योजना 2008 में शुरु हुई थी। इस योजना का लक्ष्य है सभी के लिए विशेष तौर पर गरीब और वंचित वर्ग के लिए जन औषधिस्टोर के जरिए अच्छी गुणवत्ता वाली दवाएं कम कीमत पर उपलब्द कराना है। आम आदमी तक पहुंचाना है लक्ष्य


इस योजना का लक्ष्य है बिना ब्रांड वाली जेनेरिक दवाओं के उपयोग को लोकप्रिय बनाना ताकि आम आदमी के लिए वास्तविक व्यय कम किए जा सके। स्वास्थ सेवाएं सस्ती और सुरक्षित बनाई जा सकें। अपने आम बजट में उन्होंने कहा कि देश के सभी अस्पतालों को ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधा देने के सख्त दिशा निर्देश देने की बात कही है। इसके अलावा इन अस्पतालों में उच्च स्तर की स्वास्थ सुविधा उपलब्द करवाने की बात कही है। जिलों में खोले जाएंगे डायलिसिस केन्द्र

अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय डायलिसिस सर्विस प्रोग्राम की घोषणा की है। इस नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत ही चलाया जाएगा। डायलिसिस मशीनों को सस्ता करने की घोषणा की गई है। सभी जिलों में डायलिसिस केंद्र खोले जाएंगे। लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधी योजना के तहत 3500 मेडिकल स्टोर खोले जाएंगे। वर्ष 2015-16 में इस क्षेत्र के लिए 33150 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया था।

Posted By: Prabha Punj Mishra