लापरवाही पर यूएसनगर के डीपीआरओ दून अटैच

2019-07-19T06:00:02Z

- डीपीआरओ को कारण बताओ नोटिस जारी, एक सप्ताह में देना होगा जवाब

RUDRAPUR: जसपुर के ग्राम मनोरथपुर में गबन के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न करना जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) पर भारी पड़ गया। इस लापरवाही पर डीएम की संस्तुति के बाद उन्हें निदेशालय पंचायती राज देहरादून से अटैच कर दिया गया। एक सप्ताह में उन्हें कारण बताओ नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। डीपीआरओ का चार्ज जिला बचत अधिकारी को दिया गया है।

4 लाख के गबन का मामला

ग्राम मनोरथपुर में वर्ष 2015 से 2018 के दौरान स्वजल परियोजना में अपात्रों के शौचालय बना दिए गए थे। करीब चार लाख गबन का मामला जांच में सामने आया तो इसमें ग्राम प्रधान सहित कई अफसर दोषी पाए गए। लाभार्थियों से तो वसूली कर ली गई, मगर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इसके खिलाफ गांव का एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में मार्च 2019 में जनहित याचिका दायर कर थी। कोर्ट ने ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई न होने को गंभीर माना था। कोर्ट के आदेश पर बीडीओ जसपुर ने ग्राम प्रधान शहनाज, ग्राम विकास अधिकारी नीरु भारती, स्वजल परियोजना अधिकारी गीता मिश्रा, मनरेगा के जेई विपिन कुमार के खिलाफ गबन के आरोप में केस दर्ज कराया था। जिलाधिकारी डॉ। नीरज खैरवाल ने पंचायतीराज विभाग को दो जुलाई को पत्र भेजकर डीपीआरओ विद्या सिंह सोमनाल को पद से हटाने व प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने की संस्तुति की थी। प्रभारी सचिव डॉ। रंजीत कुमार सिन्हा ने इस आधार पर डीपीआरओ को 16 जुलाई को निदेशालय पंचायतीराज से अटैच कर दिया। इसमें डीपीआरओ द्वारा हाईकोर्ट से संबंधित उक्त महत्वपूर्ण प्रकरण को गंभीरता से न लेते हुए अपने कर्तव्य व दायित्वों के निर्वहन में अत्यधिक लापरवाही बरते जाने की बात कही गई।


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