रोकने को स्मॉग का झाम शुरू हुआ काम

2018-09-27T06:01:00Z

1 अक्टूबर को आयोजित होगी सभी तहसीलों पर पेंटिंग प्रतियोगिता

9 से 12वीं तक के छात्रों की पेटिंग प्रतियोगिता में स्मॉग के कारण, उसके नुकसान और निवारणों को दर्शाया जाएगा।

10 हजार प्रथम पुरस्कार मिलेगा

7500 रुपये द्वितीय

5000 हजार रुपये तृतीय पुरस्कार

150 देशों से जनवरी में आने वाले हैं मेहमाने

21 से 23 जनवरी तक बनारस में होगा प्रवासी भारतीय

- किसानों को जागरूक करने के लिए प्रशासन ने बनाई योजना

- तहसील और ब्लॉक स्तर पर होंगी बैठकें और प्रतियोगिताएं

पिछले दो साल से सर्दियों में स्मॉग ने बनारस को कुछ ऐसा परेशान किया था कि इस बार उससे लड़ने की तैयारी जिला प्रशासन ने अभी से शुरू कर दी है। मुकाबले के लिए प्रशासन ने जागरूकता का हथियार चुना है। किसानों और उनके परिवारों को जागरूक करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है ताकि बनारस की आबोहवा बिगड़ने न पाए।

फसलों के जलाने से संकट

दीपावली के बाद फसलों की कटाई के बाद खेतों में बची ठूंठ को किसान जला डालते हैं। माना जाता है कि इससे खेत समतल हो जाते हैं और राख खेतों के लिए उर्वरक का काम करती है। हालांकि ठूंठ जलने से निकलने वाला धुआं वातावरण में घुलता है और जाड़े के मौसम में होने वाली धुंध और कोहरे में मिलकर जहरीला स्मॉग बना देता है। इसकी वजह से बड़े इलाकों में कई-कई दिनों तक सूरज के दर्शन नहीं होते और ऑक्सीजन लेवल भी काफी गिर जाता है।

छाई थी जहरीली धुंध

2017 के आखिरी महीने और 2018 की शुरुआत में बनारस को भी जहरीली धुंध या स्मॉग से काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। यहां की हवा की क्वालिटी दिल्ली और गुड़गांव से भी खराब हो गई थी। एयर क्वालिटी इन्डेक्स 390 तक पहुंच गया था इसके अलावा पार्टिकुलेट मैटर का स्तर भी खतरनाक स्तर तक चला गया था। लगभग 15 दिनों तक बनारस में दोपहर के वक्त भी दृश्यता शून्य थी और कई दिनों तक सूरज के दर्शन नहीं हुए।

कई पर स्तर पर होंगे कार्यक्रम

बनारस में इस बार स्मॉग से लड़ाई के लिए प्रशासन ने अभी से तैयारी कर ली है। डीएम सुरेंद्र सिंह ने आदेश दिए हैं कि तहसील और ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताओं और जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाए। पहली प्रतियोगिता सभी तहसीलों पर

होगी। इसके बाद ब्लॉक और ग्राम सभाओं में भी बैठक, जागरुकता रैली आदि का आयोजन होगा ताकि किसान फसल को खेतों में न जलाएं और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाएं।

ताकि मेहमानों को न हो तकलीफ

21 से 23 जनवरी तक वाराणसी में 15वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन होगा। खुद प्रधानमंत्री भी इस समारोह का हिस्सा रहेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रियों और अफसरों की फौज भी आयोजन में शामिल होगी। 150 देशों से आने वाले मेहमानों को स्मॉग की वजह से परेशानी न हो इसके लिए भी प्रशासन ने पहले से तैयारियां की हैं।

बयान

फसलों को जलाने से होने वाले प्रदूषण के नुकसान से किसानों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए बच्चों की प्रतियोगिताओं के साथ कई अन्य आयोजनों के लिए कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं।

सुरेंद्र सिंह, डीएम वाराणसी


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