गंगा को मैला करने वाली 154 टेनरियां नहीं खुलेंगी

2016-01-07T07:41:43Z

-प्रदूषित पानी गंगा में गिराने पर 154 टेनरियों को पिछले साल बंद कराया गया था

-एनजीटी और हाईकोर्ट की सख्ती देख शासन ने भी नहीं दिया टेनरी चालू करने का आदेश

KANPUR : इलाहाबाद में माघ मेले के दौरान गंगा की निर्मल धारा देने के लिए जाजमऊ में बंद पड़ी 154 टेनरियों को खोलने की इजाजत शासन ने नहीं दी है। एनजीटी ने भी इस संबध में आदेश दिया है कि जब तक इन टेनरियों से गंगा में प्रदूषण न रुके तब तक इन्हें खोलने की अनुमति न दी जाए। एनजीटी की शर्तो के मुताबिक इन टेनरियों में प्रदूषित पानी रोकने का कोई इंतजाम नहीं हैं।

बिजली भी कटी है

पिछले साल गंगा में प्रदूषण फैलाने में 154 टेनरियों को नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के आदेश पर बंद करा दिया गया था। इन टेनरियों में चोरी-छिपे काम न हो, इसके लिए इनकी बिजली भी काट दी गई थी। विगत 10 दिसम्बर को जब टेनरियों के बंद होने के मामले पर एनजीटी में पुन: चर्चा की गई थी। जिसमें एनजीटी ने आदेश दिया कि टेनरियां इस शर्त पर चालू की जा सकती हैं कि किसी भी हालत में प्रदूषित पानी गंगा में नहीं गिरेगा। पहले चरण में करीब 32 टेनरियां चालू होंगी। उनकी रिपोर्ट देखने के बाद अन्य टेनरियों को चालू करने का आदेश ि1दया जाएगा।

शासन ने भी हाथ खड़े कर दिए

सूत्रों के मुताबिक एनजीटी की शर्त के मुताबिक किसी भी टेनरी में प्रदूषित पानी के शोधन का कोई इंतजाम नहीं हो पाया। इसके बावजूद टेनरी मालिकों ने शासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर टेनरियां चालू कराने के लिए कहा। एनजीटी की सख्ती देख शासन ने भी हाथ खड़े कर दिए। चूंकि अगले महीने से इलाहाबाद में माघ मेला शुरू हो रहा है। जिसके लिए गंगा की निर्मल धारा देने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया है। एक तरफ एनजीटी और दूसरी तरफ हाईकोर्ट के आदेश को देखते हुए शासन ने इन बंद पड़ी टेनरियों को खोलने का आदेश नहीं दिया। गत 22 दिसम्बर को एनजीटी की बैठक में मुख्य सचिव को भी स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी हालत में टेनरी का प्रदूषित पानी गंगा में नहीं जाना चाहिए। इसके लिए किसी भी स्तर पर एक्शन लिया जाए।

टेनरियां तभी खुलेंगी जब

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी टीयू खान ने कहा कि टेनरियां तभी खुलेंगी जब यह स्पष्ट होगा कि इन टेनरियों से गंगा में प्रदूषण नहीं होगा। टेनरियां खोले जाने के संबध में शासन का कोई आदेश नहीं आया है। गंगा की धारा की लगातार मानिटरिंग कर रिपोर्ट भेजी जा रही है।


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