केदारनाथबदरीनाथ में बांटा जा रहा मिलावटी प्रसाद रिपार्ट में हुआ खुलासा

2018-08-06T15:09:10Z

स्पैक्स संस्था के चौंकाने वाली रिपार्ट में खुलासा

- दून से लेकर चारधामों तक खिलाया जा रहा मिलावटी खाना

- सरसों तेल, चायपत्ती, नमक, दालों में मिली मिलावट

- स्थानीय उत्पाद कसौटी पर खरे उतरे

DEHRADUN : दून से लेकर चारधामों तक लोगों मिलावटी खाना खिलाया जा रहा है। यही नहीं केदारनाथ और बद्रीनाथ में भगवान को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद में भी मिलावट पाई गई है। पिछले कई सालों से खाद्य सामग्री की जांच करने वाली संस्था स्पैक्स (सोसायटी ऑफ पॉल्यूशन एंड एनवार्नमेंटल कंजर्वेशन साइंटिस्ट) ने यह दावा किया है। स्पैक्स के सचिव डा। बृजमोहन शर्मा के अनुसार संस्था की दो टीमों ने इस साल 25 मई से 2 अगस्त तक सेंपलिंग कर रिपोर्ट तैयार की। रविवार को डा। शर्मा ने प्रेस कॉन्फेंस में बताया कि एक टीम ने केदारनाथ-बद्रीनाथ मार्ग पर और दूसरी टीम ने गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर खाद्य पदार्थो के नमूने लिये। लैब में इन नमूनों का परीक्षण किया गया तो चौंकाने वाले रिजल्ट सामने आए। हरिद्वार में भी खाने-पीने की चीजों में भारी मिलावट पाई गई।

 

1164 में से 1003 सैंपल फेल

डा। शर्मा के अनुसार इन नमूनों की जांच विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी विभाग केंद्र सरकार से मान्यता प्रसप्त लैब रसोई कसौटी द्वारा की गई। खाद्य पदाथरें के कुल 1186 नमूनों में 1003 नमूनों में मिलावट पायी गयी। सैंपलिंग अभियान टीम में जय शर्मा, साध्वी सौंधवी, सिद्धांत भाटिया, योगेश भट्ट, नरेश उप्रेती, रामतीरथ, डॉ। अजय जोशी, शंकर दत्त, डॉ। मो। असलम, मुनीष खरबंदा, सुशील पंत शामिल थे।

 

मुख्य बिन्दु

-चारधाम मार्गो पर 47 स्थानों से लिए 1186 खाद्य सामग्री के सैंपल्स।

-इन सभी सैंपल्स में 1003 नमूनों में मिलावट पायी गयी।

-रोली के 22 सैंपल्स में सभी सिंथेटिक पाये गये।

-नमक के 450 नमूनों में केवल 48 सेंपल्स में आयोडीन मिला।

-चायपत्ती के 262 सेंपल्स में केवल 56 नमूने मिलावट रहित मिले।

-सरसों के तेल में 100 प्रतिशत मिलावट पायी गयी।

-सिरका शत प्रतिशत सिंथेटिक पाया गया।

-दालों के नमूनों में 68 प्रतिशत तक पुरानी दालें पायी गयी।

-जिन स्थानों पर मिलावट कम पायी गयी उन स्थानों पर स्थानीय उत्पाद मिलते हैं।

 

भगवान से भी धोखा

मंदिरों में चढ़ाए जाने वाला प्रसाद भी निम्न स्तर का मिला। इलाइची दाने में रानीपाल व टीनोपॉल, गोला, किशमिश, काजू, बादाम व छुआरा पुराना व निम्न स्तर का पाया गया। केदारनाथ जिस घी से अभिषेक किया जाता है वह भी मिलावटी निकला, हालांकि मिश्री की गुणवत्ता अच्छी मिली।

 

मिलावट

सामग्री मिलावट प्रतिशत

हल्दी 89

लाल मिर्च 88

धनिया पाउडर 92

लौंग 76

काली मिर्च 62

दूध 75

पनीर 76

मिठाइयां 76

शुद्ध घी 76

सरसों तेल 100

रिफाइंड 87

 

स्वास्थ्य के लिए खतरनाक

खाद्य पदार्थो में मिलावट से कैंसर जैसे रोगों की संभावनाएं बनती हैं। कास्टर तेल, बोरिक एसिड, स्टार्च, एसिटिक एसिड, मोबिल आयल, कास्टर आयल, अलसी का तेल से पेट के विभिन्न रोग सम्भव हैं। मिलावटी खाने से सूजन, पेट की बीमारियां, दस्त, गैस, लीवर, उल्टी-दस्त, सांस संबंधी रोग, बालों का झड़ना, बालों का सफेद होना, ड्राप्सी, लकवा, मस्तिष्क रोग, कैंसर, त्वचा संबंधी रोग, आंखों की रोशनी कम होना, तनाव व ग्लूकोमा आदि बीमारियां होने की संभावनाएं हैं।


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