भाई के बाद अतीक के बेटे पर अपराधी का लेबल भाई पर 1 लाख का ईनाम

2019-06-14T16:15:18Z

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया केस बेटा भी हुआ नामजद। भाई पूर्व विधायक अशरफ चल फरार है बन चुका एक लाख का इनामी

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ALLAHABAD/LUCKNOW (13 June): बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद के भाई अशरफ के बाद अब उनके बेटे उमर का नाम भी जरायम से जुड़ गया है. देवरिया जेल में व्यवसायी को बुलाकर उसे टॉर्चर करने और उससे तमाम कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिये जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के रूख के बाद सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को लखनऊ में मामला दर्ज किया. इसमें पूर्व सांसद और उनके बेटे समेत कुल छह लोगों को नामजद किया गया है.

26 दिसंबर को ले गये थे जेल
लखनऊ के कारोबारी कृष्णानगर निवासी मोहित जायसवाल ने शिकायत की थी कि दो साल से अतीक और उसके गुर्गे गुंडा टैक्स के लिए दबाव बना रहे थे. कुछ एमाउंट पे कर दिये जाने पर कुछ दिन शांति रही. बीते चार माह से अतीक के गुर्गे फारुक और जकी अहमद दोबारा पैसा देने का दबाव बनाने लगे. आरोप लगाया कि गुंडा टैक्स न देने पर उन लोगों ने ऑफिस पर कब्जा कर लिया और कंपनी में जबरन अपना नाम लिखवा लिया.

26 दिसंबर को देवरिया जेल बुलाया
मोहित के अनुसार प्रेशर के बाद भी कंपनी का कोई शेयर अतीक के गुर्गो को ट्रांसफर न करने पर 26 दिसंबर को अतीक का एक गुर्गा उनको जबरन देवरिया जेल ले गया. यहां पहले से अतीक, उनका पुत्र उमर और 10-12 गुर्गे मौजूद थे. जफरउल्ला उर्फ गुलाम सरवर ने उसे जेल में पीटा इससे उसे गंभीर चोटें आई. इसके बाद अतीक अहमद व उसके गुर्गो ने एमजे इंफ्रा हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा लैंड एलएलपी व एमजे इंफ्रा स्टेट प्राइवेट लिमिटेड को फारुख और जकी के नाम ट्रांसफर करवा लिया. उसकी फॉच्र्यूनर गाड़ी भी छीनकर वहीं खड़ी कर ली.

बहन के भी कराए साइन
मोहित के अनुसार अतीक और उसके गुर्गो ने सभी कंपनियों के रेजिग्नेशन लेटर हेड पर उसकी बहन के भी सिग्नेचर करवा लिये. धमकी देते हुए कहा कि जेल में तुम्हारी हत्या नहीं कर सकता इसलिए मजबूरी में जिंदा छोड़ रहा हूं वरना आज तेरी बोटियां कटवाकर बिरयानी बनवा देता. मेरे वापस आने के बाद भी अतीक अपने गुर्गे आधी रात को मेरे घर पर डराने-धमकाने भेजता रहा. इस प्रकरण को लेकर मोहित सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेकर हुए अतीक को तत्काल गुजरात की जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था. बता दें कि अतीक की गिरफ्तारी शुआट्स में तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में 2017 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई थी. नैनी जेल से उन्हें देवरिया जेल ट्रांसफर कर दिया गया. देवरिया कांड सामने आने के बाद उन्हें बरेली जेल शिफ्ट किया गया. बरेली से इसी साल वह नैनी सेंट्रल जेल पहुंचे थे.

 

पुराने आईओ से होगा सामना
इस मामले का खास पहलू यह है कि अतीक के खिलाफ जांच का जिम्मा उसी सीबीआई अफसर डिप्टी एसपी प्रशांत श्रीवास्तव को दिया गया था जिसने कुछ वर्षो पूर्व इलाहाबाद में मिनिस्ट्री ऑफ कारपोरेट अफेयर्स के ऑफिशियल लिक्विडेटर ऑफिस में अतीक द्वारा अफसरों को धमकाने के मामले की जांच की थी. इस मामले में अतीक के खिलाफ अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है. स्पेशल क्राइम ब्रांच के एसपी एसके खरे ने अतीक के आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए प्रशांत श्रीवास्तव को देवरिया जेल में हुई इस घटना की जांच का जिम्मा सौंपा है.

 

26 दिसंबर को देवरिया जेल में कारोबारी को बंधक बनाकर मारपीट की

28 दिसंबर को अतीक के खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज

23 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने अतीक के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा

02 जून को अतीक को गुजरात की अहमदाबाद जेल में किया गया ट्रांसफर

Posted By: Vijay Pandey

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