इस गर्मी में बूंदबूंद के लिए तरसेगा आधा बिहार

2019-02-19T06:00:14Z

-पीएचइडी के सचिव ने डीएम को लिखा पत्र, नए चापाकल लगेंगे, गहराई बढ़ेगी

PATNA: बिहार के आधे हिस्से में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए सरकार कार्ययोजना बना रही है। पीएचइडी के आकलन के अनुसार कुल 38 में से 19 में जिलों में पेयजल की संकट होने की आशंका है। विभागीय सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव ने इन जिलों के डीएम को पत्र लिखकर सतर्क किया है। श्रीवास्तव के मुताबिक जिलों में तैनात पीएचइडी के कार्यपालक अभियंताओं की रिपोर्ट में जिक्र है कि इन जिलों में गर्मी के दौरान पीने के पानी की कमी हो सकती है। रिपोर्ट किसी जिले के पूरे हिस्से के संकट को नहीं जाहिर करती है। कहा गया है कि कुछ हिस्से में परेशानी हो सकती है। भू जल स्तर में गिरावट इसकी वजह बताई गई है। अप्रैल से जून तक यह संकट गहरा हो सकता है।

तुरंत प्लान बनाने का आदेश

डीएम को कहा गया है कि गंभीर संकट वाले पंचायत, गांव और वार्ड की पहचान करें। उनके लिए तुरंत कार्य योजना बनाएं। नए चापाकल लगाने के अलावा पुराने चापाकलों की पाइप की लंबाई बढ़ाने का विकल्प भी जिलों को दिया गया है। कहा गया है कि संबंधित जिलों में ये दोनों काम 28 फरवरी से पहले कर लिए जाएं। डीएम को कहा गया है कि विभागीय अभियंताओं के साथ तीन-चार दिन के अंतराल पर समीक्षा करें। यह आदेश दिया गया है कि जल संकट वाले इलाके में हर घर नल जल योजना का काम तुरंत शुरू करा दें। ताकि संबंधित जिले के लोगों को पेयजल की परेशानी न हो।

ये जिले होंगे प्रभावित

नालंदा, गया, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, रोहतास, कैमूर, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, भागलपुर, बांका, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, बेगूसराय, समस्तीपुर और दरभंगा।

Posted By: Inextlive

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