हनीट्रैप के शिकार बन रहे ताजनगरी के युवा

2018-12-25T06:00:06Z

-सोशल मीडिया पर फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजकर बनाते हैं दोस्त

-एक वर्ष में 225 से अधिक मामले साइबर क्राइम में दर्ज

आगरा। अगर आप सोशल मीडिया यूजर हैं तो अलर्ट हो जाएं, क्योंकि अपकी छोटी सी लापरवाही आपको लाखों की चपत लगा सकती है। बीते एक वर्ष में सैकड़ों मामले साइबर क्राइम के अंतर्गत दर्ज किए गए हैं, अधिकतर मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। आगरा जनपद में दो दर्जन से अधिक लोग ऐसे हैं जो फेसबुक यूजर्स हैं और हनीट्रैप का शिकार होकर लाखों रुपए की चपत खा चुके हैं। समाज में बदनामी के डर से पुलिस में भी रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सके। पुलिस संज्ञान में आने वाले मामलों का निराकरण किया जा चुका है। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने इसका रियलिटी चेक किया।

हनीट्रैप में फंस गवां चुके लाखों

लोहामंडी स्थित प्रकाश स्टील कारोबारी ने हनीट्रैप में फंसकर पचास हजार रुपए गंवा दिए। इस तरह की घटना सुभाष बाजार स्थित एक पर्दे के थोक विक्रेता के साथ हुई। ऐसे दो मामलों में व्यापारियों को लाखों रुपए की चपत लग चुकी है। शहर में करीब एक दर्जन से अधिक लोग इस जाल में फंस चुके हैं, लेकिन समाज में खुलासे के डर से चुप हैं।

फेसबुक पर भेजते हैं रिक्वेस्ट

हनीटै्रप के जरिए ठगी करने वाले किसी महिला के नाम से फर्जी आईडी तैयार करते हैं। इसके बाद लोगों का एफबी एकाउंट चेक कर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं, आईडी में किसी महिला का बोल्ड फोटो लगाया जाता हैं। यहीं से लोगों का जाल में फंसाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। रिक्वेस्ट एक्सेप्ट होते ही मैसेंजर पर चैटिंग शुरू कर देते हैं। धीरे-धीरे उस व्यक्ति के बारे में जानकारी करने के बाद व्हाट्सएप नंबर भी हांसिल कर लेते हैं। जिसमें जरूरतें पूरा करने के लिए इमोशनल ब्लैकमेल किया जाता है, कुछ लोग उनकी चाल को समझ कर उस नंबर को ब्लॉक कर देते हैं, जबकि कुछ अश्लील बातों में फंसकर हनीट्रैप का शिकार हो जाते हैं। हाल ही में गुजरात के रहने वाले युवक ने खुद को विदेशी बताकर शहर की एक युवती को विवाह का झांसा दिया था। बाद में मामला खुलने पर युवक को हिरासत में ले लिया गया।

ऐसे बनाते हैं लोगों को शिकार

साइबर एक्सपर्ट सोनू सिंह ने बताया कि युवती व्हाट्सएप युजर से चैटिंग कर उसके बारे में जानकारी हासिल कर लेते हैं। यदि वह कोई कारोबार करता है तो व्हाट्सएप पर मुनाफे की बात कहकर अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। इसके साथ ही इमोशनल रिक्वायरमेंट शुरू कर देती हैं, आर्थिक मदद के नाम पर एकाउंट नंबर सेंड कर रुपए डलवा लेती हैं। चंडीगढ़ की रहने वाली एक युवती ने आगरा लोहामंडी में रहने वाले युवक को एक कंपनी में बड़े पैकेज की जॉब का हवाला दिया था, युवक ने लालच में आकर महिला को कीमती तोहफे भेंजना शुरू कर दिया, कुछ दिन बाद आईडी बंद हो गई।


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