राज्य में भांग के उत्पादन की संभावनाएं टटोली

2019-01-08T01:21:54Z

- वित्त मंत्री प्रकाश पंत से विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट

>DEHRADUN: वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने विधानसभा स्थित कार्यालय में विदेशी प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्य में भांग की खेती के विकास को लेकर मंथन किया। दल में जापान व यूएसए के विशेषज्ञ शामिल रहे। जिनके द्वारा विदेशों में भांग की खेती के विकास और उसके मानवहित में बेहतर उपयोग पर रिसर्च की गई है।

बढ़ सकती है किसानों की आय

राज्य में भांग की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक क्षेत्र उपलब्ध है। पूर्व से ही भांग की खेती का प्रचलन है। विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई कि इस भौगोलिक क्षेत्र का बेहतर उपयोग कर भांग के मेडिसीनल प्लांटों का रोपण व उससे दवाईयों के उत्पादन की काफी संभावनायें मौजूद हैं। इससे न केवल क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, बल्कि किसानों को भी योजना से जोड़कर उनकी आर्थिकी मजबूत की जा सकती है। जिन भांग के पौंधों का रोपण विस्तार में किया जायेगा। उनमें मात्र मेडिसीन बनाने के लिए आवश्यक अवयव प्राप्त होंगे। चर्चा के उपरांत वित्त मंत्री ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में भांग की खेती सालों से की जाती रही है। लेकिन इस प्रोजेक्ट के माध्यम से भांग के पौधों का विकास व उपयोग सिस्टमैटिक, साइंटिफिक पद्धति से किया जायेगा। उससे प्राप्त अवयवों को जीवन रक्षक औषधियों में परिवर्तित कर जनोपयोगी बनाया जायेगा। राज्य में लैंटाना, अन्य जंगली निष्प्रयोज्य प्रजातियों के कारण, जंगली जानवरों द्वारा खेती को किये जा रहे नुकसान से बचाने और बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने में भी औद्योगिक हैम्प का उपयोग किया जा सकता है। इससे राज्य में विदेशी निवेश को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस दौरान हाईड्रोजन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर डॉ। विवेक विक्रम, बॉटनिस्ट हाईड्रोजन प्रोजेक्ट प्रालि के बेरी गुरियन, मासाहिशा मिवा आदि शामिल रहे।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.